PAC ने RBI गवर्नर से पूछा- क्‍यों न आपको पद से हटा दिया जाए?

नई दिल्ली(9 जनवरी): संसद की लोक लेखा समिति ने आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल से नोटबंदी पर 10 सवाल पूछे हैं। कांग्रेस नेता केवी थॉमस की अगुआई वाली समिति ने पटेल से पूछा, 'शक्तियों का मिसयूज करने के लिए क्यों न आप पर मुकदमा चलाया जाए और पद से हटा दिया जाए।'

- पीएसी ने पटेल से नोटबंदी का फैसला लेने में आरबीआई की भूमिका, इकोनॉमी पर असर और आरबीआई के रेग्युलेशंस में दो महीनों में आए बदलाव पर जानकारी मांगी है।

- पीएसी ने पटेल को 30 दिसंबर को भेजी प्रश्नावली में पूछा है कि कितने नोट बंद किए गए। बता दें कि उर्जित को 28 जनवरी को पीएसी के सामने पेश भी होना है।

पटेल से पूछे गए सवाल

- 'नोटबंदी की सिफारिश करते हुए क्या आरबीआई ने बताया था कि इससे देश की 86% नकदी अवैध हो जाएगी? आरबीआई इतनी ही नकदी कब तक व्यवस्था में लौटा पाएगा?'

- 'किस कानून के तहत लोगों को नकदी निकालने पर सीमा तय की? अगर आप नियम आप न बता सकें, तो क्यों न आप पर मुकदमा चलाया जाए और शक्तियों का मिसयूज करने के लिए पद से हटा दिया जाए?'

- 'दो महीनों में बार-बार बदलाव क्यों हुए? किस अधिकारी ने उंगली पर स्याही लगाने का विचार दिया? शादी से जुड़े पैसों को निकालने का नोटिफिकेशन किसने तैयार किया? क्या यह सब सरकार ने किया?'

- 'कितने नोट बंद किए गए और पुरानी करंसी में से कितना वापस जमा किया जा चुका है? जब 8 नवंबर को आरबीआई ने सरकार को नोटबंदी की सलाह दी तो कितने नोटों के वापस लौटने की संभावना थी? '

- '8 नवंबर की आपात बैठक के लिए आरबीआई बोर्ड सदस्यों को कब नोटिस भेजा? कौन-कौन बैठक में आया? बैठक का ब्योरा क्या है?'

- 'मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार नोटबंदी का फैसला आरबीआई के बोर्ड ने लिया था। सरकार ने सिर्फ सलाह पर कार्रवाई की। क्या आप सहमत हैं?

- 'अगर फैसला आरबीआई का ही था, तो यह कब तय किया गया कि नोटबंदी भारत के हित में है?'

- 'रातों-रात 500 और 1,000 रुपए के नोट बंद करने के पीछे आरबीआई ने क्‍या कारण पाए?'

- 'देश में सिर्फ 500 करोड़ रु. की जाली करंसी है। नकदी में बड़े नोटों का हिस्सा 86% था। ऐसी क्या जरूरत आ पड़ी कि नोटबंदी करनी पड़ी?'