डर को छोड़ो, गिरती अर्थव्यवस्था पर खुलकर बोलो- चिदंबरम

नई दिल्ली (27 सितंबर): अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के लेख पर पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने  सरकार को घेरा है। अर्थव्यवस्था की स्थिति पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि अच्छे दिन तो आए नहीं, ये बुरे दिन कब जाएंगे। पी चिदंबरम ने कहा कि अर्थव्यवस्था को लेकर जिस आशंका को उनकी पार्टी कांग्रेस व्यक्त कर रही थी अब वही आशंकाएं उनकी पार्टी के नेता व्यक्त कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था की कमियों को कई बार उजागर किया है कि वो खराब स्थिति में है और उसे सही तरीके से मैनेज नहीं किया जा रहा। चिदंबरम ने कहा कि मेरी सबसे अपील है, खास कर उन लोगों से जो अर्थव्यवस्था के बारे में जानते हैं, उन्हें बिना डर के बोलना और लिखना चाहिये, डर को छोड दो। इससे पहले भी पी चिदंबरम ने यशवंत सिन्हा के लेख पर ट्वीट कर पूछा था कि मोदी सरकार अब इस सच को स्वीकार करेगी कि अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के लिए लिखे लेख में 'अब बोलना ही होगा' में केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को निशाना बनाते हुए गिरती अर्थव्यवस्था के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है।

इसके बाद से यह लेख बुधवार सुबह से सोशल मीडिया पर ख़ास चर्चा का विषय बना हुआ है। इस लेख में यशवंत सिन्हा ने अपनी ही पार्टी की आर्थिक नीतियों पर सवालिया निशान लगाया है।कांग्रेस शुरू से ही सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़े कर रही है। खास कर नोटबंदी के फैसले को पार्टी ने एक आत्मघाती फैसला करार दिया था। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि सरकार के नोटबंदी के फैसले से विकास दर धीमी हो सकती है। फिलहाल अर्थव्यवस्था की जो स्थिति है वो इस समय काफी लचर चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी धीमी विकास दर को लेकर बैठक कर चुके हैं और कई कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके।