अपने ही कर रहे थे आनंदीबेन के खिलाफ काम...

नई दिल्ली (1 अगस्त): गुजरात की सीएम आनंदी बेन पटले ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि इसका कारण उन्होंने उम्र को बताया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि दलित आंदोलन को लेकर आनंदी बेन को अपनों ने ही घेरना शुरू कर दिया था, जिससे आहत आकर उन्होंने यह कदम उठाया।

जानकारी के अनुसार, दलित आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने के लिए एक मंत्री पर मुख्यमंत्री विरोधी मैसेज कराने का आरोप लगा। गुजरात में दो साल से अधिक सत्ता पर काबिज रही मुख्यमंत्री आनंदी बेन के सामने दलित उत्पीड़न के रूप में एक नया राजनीतिक संकट आ गया था। एक मंत्री पर आनंदी बेन के खिलाफ माहौल बनाने के लिए लाखों की संख्या में मैसेज कराने की बात सामने आई।

वहीं ओबीसी के तहत आरक्षण की मांग को लेकर पाटीदार समाज पिछले एक साल से आंदोलन कर रहा है। अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ कि ऊना समढियाला गांव में दलितों से मारपीट की घटना ने राज्य की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी। पाटीदारों की सरकार से नाराजगी के चलते कई मंत्री और भाजपा विधायक नाराज चल रहे थे। अब दलितों से मारपीट की घटना ने दलित मंत्री और विधायकों के भी हाथ बांध दिए हैं।