अगर आपके पास भी फ्रिज, एसी या कार है तो पढ लें ये खबर

नई दिल्ली(7 अगस्त): सरकार शहरी क्षेत्र के परिवारों की आर्थिक स्थिति का आकलन करेगी। सरकार ऐसा किसी परिवार को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की जरूरत है भी या नहीं जानने के लिए करेगी। सरकारी पैनल के प्रस्ताव के मुताबिक शहरी इलाके में 10 में स 6 परिवार इसके लिए योग्य होंगे। जिन परिवारों के पास चार रूम का फ्लैट या चारपहिया वाहन या एयर कंडिशनर हैं, वो कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों की लिस्ट से स्वतः निकल जाएंगे। 

- सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण को लागू करने के लिए बनी बिबेक देबरॉय कमिटी के सुझाव के मुताबिक, जिन परिवारों के पास रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और दोपहिया वाहन- तीनों हैं, वो भी इस लिस्ट से खुद-ब-खुद हट जाएंगे। 

- रिपोर्ट में उन परिवारों का भी जिक्र है जो स्वतः इस लिस्ट में शामिल हो जाएंगे। इसके लिए परिवारों के आवास, पेशा और सामाजिक स्थिति को आधार बनाया जाएगा। 

- जो परिवार बेघर है या जो पॉलिथिन के घेरे या पॉलिथिन की छत के नीचे जीवन गुजार रहा है, जिस परिवार की आमदनी का कोई स्थाई जरिया नहीं है या जिस परिवार में कमाने की उम्र के पुरुष सदस्य नहीं हैं या जिस परिवार का मुखिया कोई बच्चा है, उन्हें कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों की लिस्ट में स्वतः जोड़ दिया जाएगा। 

- रिपोर्ट के मुताबिक, बाकी परिवारों का इस लिहाज से आकलन किया जाएगा कि क्या वाकई में इन्हें भी लाभुकों की सूची में शामिल करने की जरूरत है। 

- एक अधिकारी ने बताया, 'उनकी रैंकिंग 1 से 12 अंकों के एक इंडेक्स स्कोर पर की जाएगी। इसका पैमाना आवास, सामाजिक स्थिति और पेशे को बनाया जाएगा।' पहले, एस. आर. हाशिम कमिटी ने दिसंबर 2012 में शहरी गरीबी पर एक रिपोर्ट दाखिल की थी, लेकिन सरकार ने इसे मंजूर ही नहीं किया।