भटकल की फांसी पर ओवैसी ने पूछा- एनआईए इतनी तेजी दूसरे केसों में क्यों नहीं दिखाती?

नई दिल्ली ( 20 दिसंबर ): एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में हुए धमाके में कोर्ट का फैसला आने पर सवाल खड़ा किया है। ओवैसी ने कहा कि इतनी ही तेजी से मक्का-मस्जिद ब्लास्ट, समझौता ब्लास्ट या बाबरी मस्जिद केस की सुनवाई क्यों नहीं की जाती। ओवैसी ने कहा कि एनआईए ने जिस तेजी से 2013 में दिलसुख नगर में हुए धमाके की जांच प्रक्रिया पूरी की, उतनी ही तेजी दूसरे केस में क्यों नहीं करती।

ओवैसी ने कहा कि दिलसुख नगर ब्लास्ट में जिस तरह से अधिकारियों ने दिलचस्पी दिखाई, उससे तीन साल में रिजल्ट आ गया। हम ये बोल रहे हैं कि मक्का-मस्जिद ब्लास्ट या मालेगांव ब्लास्ट में एऩआईए क्यों नहीं दिलचस्पी दिखा रही है। आखिर मरने वाले सभी हिंदुस्तानी हैं। स्वामी असीमानंद को बेल होने पर एनआईए अपील नहीं करता। 1992 में बाबरी मस्जिद मामले में अब तक केस चल रहा है। गौरतलब है कि हैदराबाद धमाके में सोमवार को ही कोर्ट ने यासीन भटकल समेत पांच लोगों को फांसी की सजा सुनाई थी।

वहीं ओवैसी के सवाल का भाजपा जवाब दिया और कहा है कि वे सांप्रदायिकता फैला रहे हैं। भाजपा नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि ओवैसी भटकल पर कोर्ट के निर्णय का सांप्रदायीकरण कर रहे हैं। हम इसकी निंदा करते हैं। ये आतंकियों पर राजनीतिक रोटियां सेंकते हैं। ओवैसी जैसे नेता जो सांप्रदायिक आधार पर राजनीति करने का प्रयास करते हैं, वो देश के लोकतंत्र के लिए पैरासाइट की तरह हैं।