'देश में 80 फीसदी से ज्यादा इंजीनियरिंग स्नातक रोजगार के काबिल नहीं'

नई दिल्ली (24 जनवरी): हाल ही में आई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इंजीनियरिंग की डिग्री रखने वाले स्नातकों में कुशलता की काफी कमी है। इसके अलावा उनमें से करीब 80 प्रतिशत रोजगार के काबिल नहीं है। 

'एस्पाइरिंग माइंड्स' की 'नेशनल इम्प्लायबिलिटी रिपोर्ट' के मुताबिक, 80 प्रतिशत प्रमुख इंजीनियर स्नातक रोजगार के काबिल नहीं है। रिपोर्ट 650 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेजों के 1,50,000 इंजीनियरिंग छात्रों के अध्ययन पर आधारित है। इन छात्रों ने 2015 में स्नातक की डिग्री ली। बता दें, एस्पायरिंग माइंड्स भारत की एक शीर्ष एम्प्लॉयबिलिटी सॉल्यूशन्स कम्पनी है। जिसका मुख्यालय गुड़गांव में है।

रिपोर्ट में शैक्षिणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहतर बनाने की जरूरत बताई गई है। जिससे वे श्रम बाजार की जरूरतों के हिसाब से काबिल हो सके। देशभर में शैक्षणिक संस्थान लाखों युवाओं को प्रशिक्षित करते हैं, लेकिन इन संस्थानों से निकले छात्र रोजगार के लिए तैयार नहीं होते और कंपनियां प्राय: यह शिकायत करती हैं, कि उनमें रोजगार के लिए जरूरी कुशल और प्रतिभावान लोग नहीं मिलते।

एस्पाइरिंग माइंड्स के सीटीओ वरुण अग्रवाल ने कहा, 'आज बड़ी संख्या में छात्रों के लिए इंजीनियरिंग वास्तव में स्नातक की डिग्री बन गया है। हालांकि शिक्षा मानकों में सुधार के साथ यह जरूरी हो गया है कि हम अपने अंडरग्रेजुएट कार्यक्रम को तैयार करें, ताकि वे रोजगार के ज्यादा काबिल हो सके।' रिपोर्ट के अनुसार शहरों के हिसाब से दिल्ली के संस्थान सर्वाधिक रोजगार के काबिल इंजीनियर दे रहे हैं। उसके बाद क्रमश: बेंगलुरू का स्थान है। महिला और पुरुष में रोजगार की काबिलियत के बारे में अध्ययन में कहा गया है कि दोनों में यह लगभग समान है।