भारत में जहरीली हवा से 1 साल में 1 लाख बच्‍चों की मौत: डब्ल्यूएचओ

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 30 अक्टूबर ): भारत में जहरीली हवा को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि हवा में बढ़ते प्रदूषण की वजह से साल 2016 में लाखों बच्चों की मौत हो गई है। हालांकि सरकार भी प्रदूषण को रोकने के लिए काफी कदम उठा रही है, जो कि नाकाम साबित हो रहे हैं।रिपोर्ट के मुताबिक इन बच्‍चों की मौत का संबंध भारत की लगातार जहरीली होती जा रही हवा से है। यही नहीं पांच साल से कम उम्र के बच्‍चों की मौत के मामले में भारत ने पूरी दुनिया को पीछे छोड़ दिया है। दरअसल, इन बच्‍चों की मौत की वजह पीएम 2.5 है जो वायु प्रदूषण के कारण तेजी से बढ़ रहा है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार साल 2016 में भारत में पांच साल से कम उम्र के करीब एक लाख बच्चों की जहरीली हवा के प्रभाव में आने से मौत हुई है मरने वाले बच्चों में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा है।डब्ल्यूएचओ ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में बताया कि भारत समेत निम्न एवं मध्यम आय-वर्ग के देशों में पांच साल से कम उम्र के 98 फीसदी बच्चे वर्ष 2016 में अतिसूक्ष्म कण (पीएम) से पैदा वायु प्रदूषण के शिकार हुए। डब्ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट 'वायु प्रदूषण एवं बाल स्वास्थ्य-साफ हवा का नुस्खा' में यह रहस्योद्घाटन किया।रिपोर्ट के अनुसार, भारत में पांच साल से कम उम्र के 60987 बच्चों को मौत हो गई है और उसके बाद नाइजीरिया (47674), पाकिस्तान (21136) और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो (12890) का नाम है।इस उम्र में मृत्‍यु दर 1 लाख बच्‍चों पर 50.8 है। मृत बच्‍चों में लड़कियों की संख्‍या लड़कों से ज्‍यादा है। वर्ष 2016 में 32,889 लड़कियों की मौत हो गई। सभी उम्र के बच्‍चों को मिलाकर देखें तो इस साल वायु प्रदूषण के कारण एक लाख बच्‍चों की मौत हो गई है।रिपोर्ट के मुताबिक खाना पकाने से घर के अंदर होने वाले वायु प्रदूषण और घर के बाहर के वायु प्रदूषण से दुनिया भर में भारत जैसे निम्न और मध्यम आय वर्ग के देशों में बच्चों के स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुंचा है।