अब OTP भेजकर खाता खोलेंगे बैंक

नई दिल्ली(9 दिसंबर): RBI ने अपने नो योर कस्टमर (KYC) नियमों में बदलाव कर दिया है। इससे बैंकों को मोबाइल फोन पर वन टाइम पिन (OTP) का इस्तेमाल करते हुए नए खाते खोलने की इजाजत मिल गई है।

- RBI के इस कदम से बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है। RBI ने अपनी वेबसाइट पर एक नोटिफिकेशन में कहा है कि बैंक अपने KYC प्रोसिजर को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पूरा करने के लिए OTP मुहैया करा सकते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें ग्राहकों की सहमति लेनी होगी।

- नोटिफिकेशन के मुताबिक, इन अकाउंट्स में कुल एक लाख रुपये से ज्यादा रकम नहीं रखी जा सकेगी। RBI के मुताबिक, ऐसे खातों में किसी एक फाइनैंशल ईयर में कुल 2 लाख रुपये से ज्यादा रकम क्रेडिट नहीं होनी चाहिए।

- लोन अकाउंट्स के मामले में केवल टर्म लोन ही इलेक्ट्रॉनिक KYC का इस्तेमाल करते हुए मंजूर किए जा सकते हैं और मंजूर किए जाने वाले टर्म लोन की मात्रा किसी एक साल में 60,000 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

- हालांकि RBI ने कहा कि बैंकों को ये खाते खोलने के सालभर के भीतर इनसे जुड़े कस्टमर्स के बारे में जांच-पड़ताल करनी होगी और ऐसा न करने पर इन खातों को बंद कर दिया जाएगा।

-  RBI ने कहा है, 'कस्टमर से इस बात का डिक्लेरेशन लेना होगा कि OTP आधारित KYC का इस्तेमाल करते हुए संबंधित बैंक में या किसी अन्य रेग्युलेटेड इकाई में न तो कोई खाता पहले से खोला गया है और न ही खोला जाएगा।'

- कमर्शल बैंकों को खोले गए सभी नए खातों से जुड़े KYC डेटा की जानकारी सेंट्रल KYC रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री पर 1 जनवरी 2017 को या उसके बाद अपलोड करनी होगी, जिसमें साफ तौर पर बताना होगा कि खाते E-KYC के जरिए खोले गए। को-ऑपरेटिव बैंक या NBFC जैसी दूसरी इकाइयों को 1 अप्रैल 2017 को या उसके बाद KYC डेटा अपलोड करना होगा।