खुशखबरीः जिओ की तरह बाकी मोबाइल कंपनियो को भी कम करनी पड़ेंगी कीमतें

नई दिल्ली (7 फरवरी): रिलायंस जिओ और दूसरे मोबाइल ऑपरेटरों के बीच ट्राई के बीच चल रही कानूनी लड़ाई का एक पहलू यह भी हो सकता है कि सभी कंपनियों को डैटा और वॉयस कॉलिंग की दरें कम करनी पड़ सकती हैं। कुछ भी लेकिन मोबाइल उपभोक्ताओं को नुकसान कम और फायदा ज्यादा होने की संभावना है। ट्राई में चल रहे मुकदमे के बीच जिओ ने कहा है कि देश में मोबाइल सेवाओँ की कीमतें ज्यादा होने की वजह मोबाइल कंपनियों का अपना स्वार्थ है।जियो व एयरटेल के बीच जारी विवाद व जुबानी जंग के बीच जियो के प्रवक्ता ने एक बयान में दावा किया है कि पुरानी दूरसंचार कंपनियां, ग्राहकों से अधिक शुल्क वसूल रही हैं।

 मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली जियो ने एयरटेल पर पलटवार करते हुए कहा है कि जियो पर मुफ्त सेवा देने का इल्जाम लगाकर एयरटेल मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।कंपनी के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा है कि एयरटेल ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग में शिकायत की है कि रिलायंस जियो अपनी सेवाओं की मुफ्त पेशकश से दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा समाप्त करने की कोशिश कर रहा है। बयान में जियो ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि उसके पास अत्याधुनिक आईपी आधारित प्रौद्योगिकी है, जिस कारण वह अपने ग्राहकों को नि:शुल्क वॉइस कॉल सुविधा दे पा रहा है।इसके अनुसार रिलायंस जियो अपनी अत्याधुनिक व नयी प्रौद्योगिकी का फायदा निम्न शुल्क दरों के रूप में ग्राहकों का देना चाहता है, लेकिन पुरानी कंपनियां उसे रोकने के लिए जुटी हैं। इस बीच दूरंसचार विवाद निपटान एवं अपीलीय न्यायाधिकरण (टीडीसैट) ने रिलायंस जियो की मुफ्त पेशकश पर ट्राई से जवाब मांगा है। टीडीसैट ने ट्राई से पूछा है कि क्या जियो ने अपनी दो मुफ्त पेशकशों, वेलकम ऑफर और हैपी न्यू इयर ऑफर, के बारे में ट्राई और कस्टमर्स को यह सूचना दी थी कि दोनों योजनाओं में अंतर है।