नोट बदलने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 1 करोड़ 43 लाख रुपये के साथ 8 गिरफ्तार

संबलपुर, ओडिशा (4 नवंबर): नोटबंदी के बाद कालेधन के कुबेरों की जहां नींद उड़ी हुई है, वहीं कमीशन लेकर नोट बदलने वाले गिरोह भी सक्रिय है। ओडिश पुलिस ने बदलकर कमीशन वसूलने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। ओडिशा की संबलपुर पुलिस की विशेष टीम ने इस गिरोह के सरगना समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से एक करोड़ 42 लाख रुपये के नए और पुराने नोट जब्त किए हैं। साथ ही पुलिस ने इन लोगों के पास से एक रिवाल्वर, पांच कारतूस और एक कार जब्त की है।

गिरफ्तार लोगों में शराब व्यवसायी मोहम्मद जियारत अली और संबलपुर भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य शाखा के जनसंपर्क अधिकारी रश्मिरंजन राउत भी शामिल हैं। जब्त रुपये को पुलिस ने आयकर विभाग के हवाले कर इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

जब्त रुपयों में से 85 लाख 62 हजार रुपये के नए 500 और 2000 के नोट हैं, जबकि बाकी के रुपये में 5, 10, 20, 50 व 100 रुपये के वैध नोट और 500 रुपये के पुराने नोट हैं। पुलिस अधीक्षक के अनुसार इस कारोबार का सरगना शराब व्यवसायी मोहम्मद जियारत अली है।

बताया जा रहा है कि यह गिरोह अमान्य करार दिए गए 500 और 1000 के नोट को नए नोटों से बदलकर कमीशन वसूलने का काम रहा था। इसमें बैंक के जनसंपर्क अधिकारी भी शामिल थे, जिसकी सहायता से 500 और 2000 रुपये के नए नोट गिरोह के पास पहुंच रहे थे।