सीमा पर तनातनी, भारत-चीन ने तैनात किए 3000 सैनिक

नई दिल्ली (30 जून): भारत और चीन के बीच सिक्किम-भूटान-तिब्बत ट्राइ जंक्शन को लेकर तनाव बरकरार है। वहीं दोनों ने अपने दूरवर्ती सीमा क्षेत्र में सैनिकों को भेज रहे हैं। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने भी गुरुवार को गंगटोक स्थित 17 माउंटेन डिविजन और कलिमपोंग स्थित 27 माउंटेन डिविजन का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ने दूरवर्ती सीमा क्षेत्र पर 3-3 हजार सैनिकों को तैनात कर ट्राइ-जंक्शन में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।

भारतीय सेना ने हालांकि, इस पर कुछ भी कहने से इनकार किया है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि सूत्र बताते हैं कि सालों से ट्राइ-जंक्शन पर सैनिक तैनात रहे हैं, लेकिन डोका ला जनरल पर सैनिकों की हाल में हुई तैनाती बेहद गंभीर है। सूत्र ने कहा, 'दोनों ही अपने स्थान से हटना नहीं चाहते। दोनों विरोधी कमांडरों के बीच हुई फ्लैग मीटिंग और वार्ता का फिलहाल कोई असर नहीं हुआ है।'

जनरल रावत ने अपने दौरे पर विशेषकर 17 डिविजन में सैनिकों की तैनाती पर ध्यान दिया, जिनपर पूर्वी सिक्किम की रक्षा की जिम्मेदारी है। सूत्र ने बताया, '33 कॉर्प्स और 17 डिविजन कमांडर्स सहित सभी शीर्ष अधिकारी विस्तृत चर्चा के दौरान मौजूद रहे। सेनाध्यक्ष शुक्रवार सुबह दिल्ली लौटेंगे।'

चीन के आक्रामक रवैये की परवाह न करते हुए भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि यह चीन को ट्राइ-जंक्शन तक सड़क नहीं बनाने देगा। भूटान ने भी डोका ला इलाके में चीन द्वारा सड़क निर्माण पर आपत्ति जताई है। भूटान के विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी कर चीन के कदम की निंदा की है।

सूत्र ने बताया, 'चीन डोक ला इलाके में 'क्लास-40 रोड' बनाने की कोशिश कर रहा है जिसके जरिए सेना का 40 टन का वाहन गुजर सके। इसमें हल्के युद्धक टैंक, तोप और अन्य वाहन शामिल हैं।' पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने गुरुवार को घोषित किया कि इसने तिब्बत में 35 टन के नए टैंक का ट्रायल किया है। साथ ही इसने कहा, 'यह किसी देश के खिलाफ नहीं है।' इधर, क्षेत्र में धीरे-धीरे चीन की बढ़ती आक्रामकता से भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान में चिंता है।


वहीं दूसरी ओर भूटान ने भी चीन द्वारा सड़क निर्माण को लेकर आपत्ति जताई है। भूटान ने आरोप लगाया है कि चीन सीमा समझौते का उल्लंघन कर रहा है और सड़क बना रहा है। भूटान के विदेश मंत्रालय ने चीन के इस कदम की कड़ी निंदा की है।