ऐसे महफूज रहेगी हिंदुस्तान की जमीन, ये है दुश्मन को हराने का जलप्लान

नई दिल्ली (15 जुलाई): दुश्मन के दांत जल, थल और नभ में कैसे खट्टे किए जाते हैं, इंडियन आर्मी ने इसकी एक झलक दिखाई। दुश्मन को हराने के लिए आर्मी के जवानों ने एक पूरी नदी पार की। टैंकों के गोले बारूद के साथ दुश्मन की जमीन पर पूरी ताकत से हमला किया। टैंकों से निकली आग ने पूरे इलाके को थर्रा दिया। एक घंटे के लिए नदी का ये किनारा युद्धा का मैदान बन गया। सेना के इस ऑपरेशन का नाम था ऑपरेशन मेघ प्रहार।

पानी के लिए सेना का सबसे कारगर हथियार बीएमपी-2 पानी में बड़ी ही आसानी से उतर जाता है। पानी को चीरता हुआ नदी पार दश्मन की जमीन पर पहुंचता है और उसके बाद मानो दुश्मन को कोई बचा नहीं सकता। बीएमपी टैंक -2 की सबसे बड़ी खासियत यही है कि ये पानी में चल सकता है। इसमें 10-12 जवान आराम से अपने रॉकेट लांचर और मोर्टार के साथ बैठ सकते हैं। ये नदी, नालों को आसानी से पार कर लेता है। क्रॉस-रिवर-एक्सरसाइज के लिए ये सेना के लिए अचूक अस्त्र है। बीएमपी नदी में बेहद ही गुपचुप तरीके से दुश्मन की जमीन में घुस जाता है। कभी कभी ये पनडुब्बी की तरह बिल्कुल पानी में नीचे-नीचे तैरता है।

इस युद्धाभ्यास में टी-90 टैंकों ने हिस्सा लिया। टी 90 टैंक जब आग उगलता है तो दुश्मन को छिपने की जगह नहीं मिलती। इन टैंकों को नदी पार कराने के लिए खास तरह की शाफ्ट का इस्तेमाल किया जाता है।

टैंकों के दुश्मन की जमीन पर पहुंचते ही, सैनिकों ने भारत माता की जय के नारे लगाने शुरु कर दिए। करीब एक घंटे तक ये एक्सरसाइज चली। इस एक्सरसाइज के लिए सेना की हिसार स्थित आर्मर्ड-ब्रिगेड और मैकिनाइजज इंफंट्री के टैंक और बीमपी मशीन इस्तेमाल की गईं।

सेना की सबसे घातक स्ट्राइक कोर ने लिया हिस्सा इस एक्सरसाइज में सेना की सबसे घातक स्ट्राइक कोर-वन ने हिस्सा लिया। सेना की स्ट्राइक कोर ही युद्ध के समय में दुश्मन की जमीन पर हमला बोलती है। ये रिर्जव फोर्स की तरह इस्तेमाल की जाती है। बाकी कोर देश की सरहदों की रक्षा करती हैं।

इस एक्सरसाइज के बाद सेना के जवानों ने देश को भरोसा दिलाया कि जल थल और नभ कहीं से हो वो हिंदुस्तान की जमीन को महफूज रखेंगे। दुश्मन को जमीन से लेकर आसमान तक नेस्तेनाबूत कर देंगे।