ऑपरेशन मालाबार: भारत-यूएस-जापान के युद्धाभ्यास से घबराया चीन

बीजिंग (11 जुलाई): अपने पड़ोसियों और हिंद महासागार में दादागिरी करने वाला चीन भारत की एक रणीतिक 'चाल' से घबरा गया है। चीन को समझ में नहीं आ रहा है कि वो भारत-अमेरिका-जापान के बंगाल की खाड़ी में कल से शुरू हुए मालाबार साझा युद्धाभ्यास का किस तरह से जवाब दे। मालाबार में भारत, अमेरिका और जापान के संयुक्त युद्धाभ्यास से चीन घबराहट का अंजादा इसी बात के लगाया जा सकता है कि इस मसले पर चीनी सरकार और मीडिया में भी दो फाड़ नजर आ रहा है

चीन के एक अंग्रेजी अखबार ने 'मालाबार युद्धभ्यास' को चीन की सुरक्षा के लिए खतरा है। चाइना डेली ने लिखा है कि इतने बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास करने से चीन के साथ बने व्यापारिक संबंध को खतरे में डाल सकता है। इतना ही नहीं यह चीन की सुरक्षा के लिए भी खतरा साबित हो सकता है। चीन अखबार ने लिखा है कि चीन जब डोकलाम सड़क बनाना चाहता है तो भारत इसका यह कहकर विरोध करता है कि यह उसकी सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है। लेकिन अब चीन को खुद सोचना होगा कि भारत की ओर से आयोजित किए जा रहे बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास से उसकी सुरक्षा के लिए खतरा है।

इतना ही नहीं चाइना डेली ने लिखा है कि अमेरिका ने भारत को युद्धक सामग्री ले जाने वाले लड़ाकू विमान देने की स्वीकृति दे दी है। भारत ये लड़ाकू विमान 365 अरब डॉलर में खरीद रहा है। इतना ही नहीं अमेरिका 2 अरब डॉलर में भारत को कई टोही ड्रोन भी देने जा रहा है। अब चीन को अपनी सुरक्षा की चिंता करने की जरूरत है।

फ़ुडन विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान में रणनीतिक विशेषज्ञ लिन मिनवांग ने एलओसी पर भारत-पाक के बीच हो रही फायरिंग को लेकर कहा 'चीन का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन, भारत के लिए एक ही समय पर एकसाथ दो विवादों से निपटना बेवकूफी होगा।'

अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिन के बयान को कोट करते हुए लिखा कि कश्मीर के क्षेत्रों में दोनों देशों की सेनाओं के बीच संघर्ष और सैन्य झगड़े लगातार होते हैं। अखबार ने अपने आर्टिकल में ये भी लिखा कि एक तरफ सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव है तो वहीं दूसरी तरफ कश्मीर की सीमा पर भारत और पाकिस्तानी सैनिक फायरिंग कर रहे हैं।

चीनी विदेश मंत्रालय ने मालाबार युद्धाभ्यास पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्हें इस युद्धभ्यास पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं है लेकिन उन्हें आशा है कि यह सब क्षेत्र की शांति के लिए होगा।

एक दूसरी टिप्पणी में चाइना डेली ने कहा कि भारत, अमेरिका और जापान के बीच मालाबार सैन्य युद्धाभ्यास चीन की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। चाइना डेली की ये लाइन चीनी विदेश मंत्रालय के बयान के ठीक उलट है जिसमें कहा गया था कि बीजिंग को इस युद्धाभ्यास से कोई आपत्ति नहीं है।