"2011 में सेना काटकर लाई थीं 3 पाक सैनिकों के सिर"


नई दिल्ली (9 अक्टूबर): ऑर्मी के द्वारा 2011 में की गई सर्जिकल स्ट्राइक की खबर पर तब कुपवाड़ा स्थित 28 डिविजन के प्रमुख रहे मेजर जनरल (रिटायर्ड) ए.के. चक्रवर्ती ने भी मुहर लगा दी है। चक्रवर्ती ने कहा है कि एलओसी के पार जाकर सेना ने सर्जिकल ऑपरेशन को अंजाम दिया था और 3 पाकिस्तानी सैनिकों के सिर लेकर आई थी।

चक्रवर्ती ने एएनआई से बातचीत में खुलासा किया कि मीडिया में चल रही खबरें एकदम सहीं है, क्योंकि उन्हें इस बारे में उस समय के डीजीएमओ और ऑर्मी चीफ जनरल वीके सिंह ने भी बताया था। उन्होंने कहा कि 30 अगस्त 2011 में हुए ऑपरेशन की खबर सच है। सेना ने बदला लेने के लिए एलओसी के पार जाकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया था।

ऐसे किया था ऑपरेशन...
आपको बता दें कि अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' ने अपनी एक रिपोर्ट में यह दावा किया थ कि 2011 की गर्मियों में भारतीय सेना ने पाकिस्तान से अपने 6 जवानों की शहादत का बदला लिया था। भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन जिंजर' के तहत जवाबी सर्जिकल स्ट्राइक की थी और भारतीय सैनिक तीन पाक जवानों के सिर काटकर लाए थे। हालांकि तब सेना ने इस तरह की किसी जवाबी कार्रवाई की बात से इनकार किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान बॉर्डर ऐक्शन टीम ने 30 जुलाई 2011 को कुपवाड़ा के गुगलधर में राजपूत और कुमाऊं रेजिमेंट के छह सैनिकों पर हमला बोला था। पाक सैनिक हवलदार जयपाल सिंह अधिकारी और लांस नायक देवेंद्र सिंह कि सिर अपने साथ ले गए थे। इस हमले में 19 राजपूत का एक जवान भी घायल हुआ था, जिसकी बाद में मौत हो गई थी।

इससे बौखलाई सेना ने दो महीने बाद 30 अगस्त को 'ऑपरेशन जिंजर' के जरिए बदला लेने की ठानी। इसके लिए शुभ दिन मंगलवार को चुना गया। हमले में 25 सैनिकों ने भाग लिया, जिसमें ज्यादातर पैरा कमांडो शामिल थे। 29 अगस्त की सुबह तीन बजे सभी सैनिक लॉन्चिंग पैड पर पहुंचे और हमले की ताक में रात 10 बजे तक छिपे रहे। इसके बाद एलओसी को पार किया गया। 30 अगस्त की सुबह चार बजे सैनिक हमले की तैयारी में लग गए। पाक सेना को ज्यादा जख्म देने के लिए बारूदी सुरंगें भी बिछाई गई थीं।

यह ऑपरेशन कुल 45 मिनट तक चला था। ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद भारतीय सेना की पहली टुकड़ी सुबह 7.45 तक लौट आई। इसके बाद दूसरी टुकड़ी दोपहर 12 बजे और तीसरी टुकड़ी 2.30 बजे तक लौटी। इस हमले में कुल 8 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे, जबकि दो या तीन गंभीर रूप से घायल हुए। भारतीय सैनिक तीन पाकिस्तान सैनिकों सूबेदार परवेज, हवलदार आफताब और नायक इमरान के सिर काटकर साथ लाई थी।