लोकतंत्र में नकलतंत्र: परीक्षा में खुलेआम नकल, कारण पूछने पर टीचर बोले...

शाजापुर (22 मार्च): मध्य प्रदेश के शाजापुर से ऐसी तस्वीरें सामने आई है, जिन्हें देखकर आप यही कहेंगे कि एमपी अजब है, सबसे गजब है। यहां स्कूल में परीक्षा के दौरान खुलेआम गाइड रखकर नकली की जा रही थी और शिक्षकों का कोई अता-पता ही नहीं था।

पूरे देश में आजादी को लेकर हायतौबा हो रही है। असली आजादी तो यहां इस परीक्षा हॉल में छिपी बैठी है। प्रजातंत्र की असली परिभाषा तो यहीं पता चलती है। तस्वीरें देखकर इस गाने के बोल को अगर कुछ यूं कह लिया जाए कि मास्टर गए, प्रबंधक गए। छात्र अब स्वतंत्र हैं, ये तो नकलतंत्र है, ये तो नकलतंत्र है। इसमें कुछ गलत नहीं होगा।

परीक्षा दे रहे इन छात्रों के सामने रखी ये गाइड और कुंजियां भी इन पर हंस रही होंगी। ये भी सोच रही होंगी कि भारत का भविष्य गढ़ने में हमने कितनी अहम भूमिका निभाई है।

ये तस्वीरें आई हैं मध्य प्रदेश में शाजापुर जिले के एक गांव शादीपुरा के शासकीय हायर सेकेंड्री स्कूल से। जहां ग्यारहवीं क्लास के राजनीति विज्ञान का पेपर चल रहा था। इस परीक्षा के दौरान छात्रों के जैसे अच्छे दिन आ गए थे। खुलेआम, बेझिझक गाइड सामने रखकर नकल की जा रही थी। अब भई नकल हो भी क्यों न क्योंकि स्कूल में न तो कोई टीचर है और न ही कोई स्कूल प्रबंधक, आज तो यहां जन के लिए जन के द्वारा जनता का अधिकार है।

इस स्कूल में शिक्षकों की तादाद 13 है। लेकिन परीक्षा के दौरान किसी भी क्लास में कोई मौजूद नहीं था। जैसे ही मीडिया के कैमरे स्कूल में पहुंचे। कोई कहीं से तो कोई कहीं से निकलकर दौड़े चले आए और जब इस बाबत सवाल पूछा गया तो सबको सांप सूंघ गया।

किसी टीचर के पास कोई जवाब नहीं था कि वो छात्रों को छोड़कर कहां गए थे। सवाल किया गया तो सब बंगले झांकने लगे, लेकिन शिक्षकों की इस गैरमौजूदगी में छात्रों की तो जैसे चांदी हो गई। सवाल ये कि अगर ये छात्र इसी तरह नकल कर परीक्षा में पास हो जाएंगे तो क्या अपना और क्या इस देश का भविष्य बनाएंगे।