मोटा मुनाफा कमाने के लिया ओपेक देश बढ़ा रहे है तेल के दाम


मनीष कुमार, नई दिल्ली (12 सितंबर): पेट्रोल और डीजल को लेकर राहत की खबर है। यह सस्ता तो नहीं हुआ है, लेकिन कई दिनों के बाद कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला बुधवार को थम गया। आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पश्चिम बंगाल में टैक्स कटौती के बाद पेट्रोल और डीजल 1 रुपये सस्ता हो गया है।  

वित्त मंत्रालय के उच्च स्तरीय सूत्रों के मुताबिक इस समय 2008 और 2013 से अलग तरह का मौजूदा आर्थिक संकट है। सूत्रों के मुताबिक इस समय कृत्रिम संकट चल रहा है। सऊदी अरब तेल इकॉनमी से मिक्स इकोनॉमी की तरफ बढ़ा है। वहीं तेल उत्पादक देशों का फोरम ओपेक इस कृत्रिम संकट के लिए जिम्मेदार है जो कच्चे तेल को महंगा कर मोटी कमाई करना चाहता है क्योंकि इन देशों की अर्थव्यवस्था तेल पर निर्भर है।
इसका असर उभरते हुए उन देशों पर पड़ा है जो तेल के बड़े खरीददार है जैसे भारत ,वहीं दूसरा कारण तुर्की जैसे देशों की राजनीतिक हालात में उतार चढ़ाव है क्योंकि सिर्फ तेल की कीमत बढ़ी है बाकी गैर तेल उत्पादों की कीमतें घटी है। अगर तेल कीमत कम करनी हो तो गैर तेल उत्पादों के दाम बढ़ाने होंगे जो सही नहीं होगा। जीएसटी,आयकर संग्रह बढ़ रहा है व्यय अनुशासित तरीके से किया जा रहा है तो पूरा भरोसा है कि फिस्कल डेफिसिट का टारगेट पूरा किया जा सकेगा। 

वहीं केरल में आए प्राकृतिक आपदा को लेकर राज्य सरकार ने अभी तक राहत पैकेज की मांग केंद्र सरकार के समक्ष नहीं रखी है और ना ही अपना कोई प्रतिनिधि या प्रतिनिधि मंडल केंद्र के पास नहीं भेजा है। इस बाबत गृह मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक भी हुई थी।