ईरान ने सऊदी अरब को दिया ये बड़ा झटका

नई दिल्ली(18 अप्रैल): तेल उत्पादन को स्थिर या कम करने के उद्देश्य से तेल निर्यातक देशों की कतर के दोहा में रविवार को हुई बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। बैठक के बाद क़तर के ऊर्जा मंत्री मोहम्मद बिन सलेह अल सदा ने कहा कि ओपेक और ग़ैर ओपेक देश आपस में बातचीत के लिए 'और समय' चाहते हैं।

दरअसल, पिछले 18 महीने से भी अधिक समय से इंटरनैशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें घट कर लगभग आधी रह गई हैं। ईरान और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव की खबर आने से बातचीत शुरुआती दौर में ही संकट में पड़ती नजर आ रही थी। ईरान ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया। ईरान का कहना है कि वह अपना तेल उत्पादन बढ़ाता रहेगा।

बैठक में तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक के अधिकांश सदस्यों और रूस समेत तेल का निर्यात करने वाले अन्य देशों ने हिस्सा लिया। ये सभी देश तेल उत्पादन को स्थिर करने को लेकर एक समझौता चाहते थे, ताकि कच्चे तेल की गिरती क़ीमतों पर क़ाबू पाया जा सके। ईरान पर इसी साल इंटरनैशनल बैन हटे हैं। ईरान का रुख यह था कि आर्थिक प्रतिबंधों के हटाए जाने के बाद से वह तेल उत्पादन बढ़ाने की जिस नीति का पालन कर रहा है, वह उसे जारी रखेगा।