जनवरी से हर रोज कम होगा 12लाख बैरल तेल का उत्पादन

नई दिल्ली (12 दिसंबर):  तेल निर्यातक देशों के प्रमुख और गैर ओपेक देशों के बीच 15 साल के लंबे अंतराल के बाद कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती पर सहमति बन गई है। ओपेक तथा गैर ओपेक देशों के बीच शनिवार को आस्ट्रिया की राजधानी विएना में हुई बैठक में उत्पादन कटौती पर सहमति बनी। ओपेक देश पहले ही उत्पादन कटौती को लेकर समझौते पर राजी हो चुके हैं और अब गैर ओपेक देश भी इस समझौता का हिस्सा बन गये हैं। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री खालिद अल फालिह ने संवाददाताओं को बैठक के बाद बताया कि यह ऐतिहासिक समझौता है, जिससे हमारे बीच आगे संबंध बरकरार रखने में मजबूती आयेगी।रूस के ऊर्जा मंत्री एलेक्जेंडर नोवाक ने इस मौके पर कहा कि इस समझौते से तेल बाजार में स्थिरता आयेगा, तेलों की कीमतों का उतार-चढ़ाव थमेगा तथा नये निवेशक आकर्षित होंगे। रूस के साथ ही अजरबेजान, बहरीन, बोलिविया, ब्रुनेई, गिनी, कजाख्स्तान, मलेशिया, मेक्सिको, ओमान, सूडान और दक्षिण सूडान जैसे गैर ओपेक देशों ने उत्पादन कटौती पर अपनी मुहर लगा दी है। ओपेक में शामिल नाइजीरिया तथा लीबिया को समझौते से राहत दी गई है जिससे इसका अधिक भार संगठन के अघोषित नेता सऊदी अरब को उठाना पड़ सकता है। ओपेक देश अगले साल जनवरी से तेल उत्पादन में प्रतिदिन 12 लाख बैरल की कटौती पर राजी हो चुके हैं, जिसका एक बड़ा 4,86,000 बैरल के हिस्से की कटौती सऊदी अरब पूरी करेगा।