'मुट्ठी भर लोग घाटी में अशांति का माहौल पैदा कर रहे'

नई दिल्ली(23 अगस्त): एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर हिंसा करने वालों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। महबूबा ने कहा कि कश्मीर हिंसा की योजना पहले से ही बना ली गई थी। उपद्रवियों के खिलाफ सख्त तेवर दिखाते हुए महबूबा ने कहा कि मुट्ठी भर लोग अपने स्वार्थ के लिए घाटी में अशांति का माहौल पैदा कर रहे हैं, जबकि 95 फीसदी लोग शांति चाहते हैं।

- वह बोलीं कि इन 95 प्रतिशत लोगों को उन मुट्ठी भर 5 प्रतिशत लोगों के लिए सजा नहीं मिलनी चाहिए। अपना दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उपद्रव मचाने वाले लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए कैंपों पर हमला करने के दौरान बच्चों को अपनी ढाल बनाकर इस्तेमाल कर रहे थे। वे लगातार सुरक्षा बलों पर हमला कर रहे थे और उन्हें उकसा रहे थे, जिसकी वजह से इस हिंसा में बहुत से बच्चों की भी मौत हुई है। असफल नेहरू मॉडल का स्पष्ट उदाहरण है जम्मू-कश्मीर वे बोलीं कि छोटे-छोटे बच्चों को ढाल बनाकर कैंपों पर हमला करते हो और उनसे बंदूक छीनते हो, ये गलत है।

- महबूबा ने आजाद कश्मीर के नारे लगाने वालों को लताड़ते हुए कहा कि वे लोग जाकर पाकिस्तान, सीरिया, तुर्की और अफगानिस्तान जैसे मुस्लिम देशों की हालत देख लें, जो आजाद हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी समाज में बंदूक घुस जाती है, तो आजादी का मतलब ही खत्म हो जाता है। इन देशों की हालत भी ऐसी ही हो गई है। राजनाथ बोले हम कश्मीर की जमीन से ही नहीं बल्कि यहां के लोगों से भी मोहब्बत करते हैं महबूबा ने कहा कि ना तो बंदूकों से कोई हल निकलने वाला है, ना ही पत्थरों से। वे बोलीं- मेरी समझ नहीं आ रहा कि ये क्या हुआ, लोग बस एक मौका मिलने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही जम्मू-कश्मीर में स्थिति बेहतर होती है, पर्यटन शुरू होता है, काम शुरू होता है, वैसे ही कुछ लोग कोई न कोई परेशानी खड़ी कर देते हैं।