सूखे का कहर: मराठवाड़ा के बांधों में बचा है सिर्फ 3 फीसदी पानी

नई दिल्ली (19 अप्रैल): सूखे की मार झेल रहे महाराष्ट्र के लिए एक और बुरी खबर है। मराठवाड़ा क्षेत्र के डैमों में केवल 3 फीसदी पानी ही शेष बचा है। 

'बिजनेस स्टैंडर्ड' की रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र के 11 प्रमुख डैम डेड स्टोरेज स्तर पर आ गए हैं। इसका मतलब है कि इनमें से पानी बिल्कुल भी बाहर नहीं निकाला जा सकता। बल्कि इसका स्तर बढ़ाया जाना है।

पानी के भंडार में कमी इस साल काफी ज्यादा हो गई है। मराठवाड़ा के डैमों में पिछले साल इस साल स्तर 11 फीसदी था। औरंगाबाद डिवीजनल कमिश्नर उमाकांत दंगट ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया, "हम भूमिगत पानी के स्टॉक का इस्तेमाल करेंगे। जैसा कि आईएमडी का अनुमान अच्छा है। हमारी उम्मीद है कि हम तब तक इसे जारी रख सकेंगे जब तक मानसून नहीं आ जाता।"

पिछले पांच सालों में मराठबाड़ा में सूखे का यह लगातार चौथा साल है। लगातार दो सालों से इसके 8,500 गांव प्रभावित हुए हैं। महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा, "हमने इंडस्ट्री के लिए पहले ही पानी की पूर्ति कम कर दी है। कलेक्टर्स और डिवीजनल कमिशनर्स को निर्देश दिए गए हैं कि पानी का इस्तेमाल पीने के लिए ही प्राथमिकता है।"

पिछले साल इसी समय पानी के 939 टैंक इस्तेमाल किए गए। जबकि, इसकी तुलना में इस साल 2,745 टैंक इस्तेमाल किए जा रहे हैं।