प्रदेश सरकार ने कहा, कैराना से सिर्फ 3 परिवारों ने किया पलायन

नई दिल्ली (18 जून): बीजेपी सांसद हुकुम सिंह ने शामली जिले के कैराना कस्बे से 346 परिवारों के पलायन की बात कही थी, लेकिन जिला प्रशासन ने अंतिम रिपोर्ट में कहा है कि सिर्फ 3 परिवारों ने अपराध के कारण कैराना छोड़ा था।

कैराना से पलायन करने की सूची में 27 परिवार ऐसे भी हैं जो अब भी कैराना में हैं। जिन परिवारों के नाम लिस्ट में हैं, इनमें से अधिकांश ने एक दशक पहले बिजनेस, हेल्थ और एजुकेशन के लिए कैराना से पलायन किया। जानकारी के अनुसार शामली जिले के डीएम ने बताया कि जिन 3 परिवारों ने कैराना छोड़ा है, वे हरियाणा के पानीपत, गुजरात और सूरत में रहने लग गए हैं। उन्होंने वहीं पर रहकर अपना कारोबार जमा लिया है, लेकिन उनकी संपत्ति कैराना में हैं। डीएम का कहना है कि इस सूची में शामिल 16 लोगों की मौत हो चुकी है जिनके परिजन कैराना में ही हैं।

डीएम का कहना है कि 346 परिवारों में से 27 परिवार कैराना में है। सूची में शामिल 67 परिवारों ने 10 साल पहले 2006 में कैराना छोड़ दिया था। 179 परिवार 4-5 साल पहले कैराना छोड़ चुके हैं। 73 परिवारों ने पिछले 2 साल में कैराना छोड़ा है। कुछ परिवार तो शामली में ही 10 किलोमीटर के दायरे में बस गए। कैराना में किसी भी तरह का सांप्रदायिक तनाव नहीं है और यही कैराना की हकीकत है।