मध्य प्रदेश: 17 हजार क्विंटल प्याज गायब, जांच के आदेश

नई दिल्ली ( 5 अगस्त ): मध्य प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य 8 रुपए प्रति किलो पर खरीदी गई प्याज अफसरों के लिए नित नई मुसीबत खड़ी कर रही है। 40 हजार क्विंटल प्याज सड़ने के बाद अब 17 हजार क्विंटल से ज्यादा प्याज गायब है। जिसका कोई अता-पता नहीं है। प्रदेश में अव्यस्था की वजह से करोड़ों की प्याज सड़ गई, तो वहीं अब धीरे धीरे प्याज खरीदी में हुए घोटाले उजागर हो रहे हैं। अब भोपाल में प्याज खरीदी के मार्कफेड के रिकॉर्ड और नागरिक आपूर्ति निगम (नान) में अंतर सामने आया है, जिससे बड़े घोटाले का अंदेशा जाहिर किया जा रहा है। भोपाल से 17 हजार क्विंटल प्याज गायब हो गई है।

दरअसल प्रदेशभर से मार्कफेड ने 8 लाख 76 हजार टन प्याज खरीदी थी। इसमें से मार्कफेड ने नान को सिर्फ 8 लाख 49 हजार टन प्याज सौंपी है। नान ने जब रिकॉर्ड खंगाला, तो प्याज खरीदी और उसकी मात्रा में अंतर निकला।   इस मामले को लेकर भोपाल कलेक्टर सुदामा खाड़े ने जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच के लिए ADM की अध्यक्षता 5 सदस्यों की टीम गठित की है जिसे 7 दिन में अपनी रिपोर्ट सोपने को कहा गया है। 

वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता केके मिश्रा ने प्याज़ की ख़रीद फ़रोख़्त में करोड़ो रूपये के घोटाले की बात करते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। साथ ही आरोप लगाया है कि मंत्री और नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के अध्यक्ष इस घोटाले में शामिल है।

गौरतलब है कि करोंद व बैरसिया मंडी में खराब हो चुकी प्याज को डिस्ट्रॉय करने के बाद जब खरीदी गई और वितरण, भंडारण व डिस्ट्रॉय की गई प्याज के आंकड़ों का मिलान किया गया तो उसमें तकरीबन 17400 क्विंटल प्याज का अंतर पकड़ा गया।