अब एक प्रोडक्ट को दो अलग-अलग MRP पर नहीं बेच सकेंगी कंपनियां


नई दिल्ली (30 जून): मोदी सरकार ने देशवासियों को एक बड़ी राहत देते हुए एक ही उत्पाद के अलग-अलग एमआरपी लिखकर बेचने पर रोक लगा दी है। अक्सर कंपनियां बड़े होटल, एयरपोर्ट, मॉल्‍स और सिनेमाघरों में अगल से एमआरपी डालकर बेचती थी, जो 1 जनवरी 2018 से नहीं होगा।


डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर्स ने कहा कि हमने बड़े पैमाने पर किए गए विचार-विमर्श के बाद संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। नियमों के कार्यान्वयन के अनुभव और स्टेकहोल्डर्स से चर्चा के बाद विभाग ने उपभोक्ताओं के संरक्षण के उद्देश्‍य से नियमों में संशोधन किया है। इसके साथ ही व्यापार करने में आसानी की जरूरत को भी संतुलित किया गया है।


नियमों में यह उल्‍लेख किया गया है कि कोई भी कंपनी किसी भी प्रोडक्‍ट पर अलग-अलग एमआरपी घोषित नहीं करेगी। किसी कानून के तहत अनुमति मिलने पर ही दोहरी एमआरपी लिखी जा सकेगी। इससे बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं को लाभ होगा क्योंकि वे सिनेमा हॉल, एयरपोर्ट, मॉल्‍स और होटल आदि जैसे विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर वस्तुओं की दोहरी एमआरपी के बारे में शिकायत कर रहे हैं।


सरकार ने यह आदेश भी दिया है कि डिक्लेरेशन में अक्षरों और अंकों के आकार को बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि उपभोक्ता उन्हें आसानी से पढ़ सकें। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने यह भी आदेश दिया है कि चिकित्सा उपकरणों जैसे कि स्टेंट, वॉल्व, आर्थोपेडिक इम्प्लांट्स, सिरिंज और ऑपरेशन के लिए टूल पर एमआरपी को लिखना होगा।