जेरिका तुझे सलाम : ये लड़की खुद लिख रही है अपनी मौत की इबारत

नई दिल्ली (22 जुलाई) :  जेरिका बोलेन अपनी हमउम्र 14 साल की लड़कियों की तरह ही ख्वाहिश रखती है। बालों को उसने पर्पल रंगाया और अपने कपड़ों को लेकर भी वो बहुत चूज़ी रहती है। अब जेरिका चाहती है कि उसके लिए पंकी जूलरी बनाई जाए जो कि उसकी चपल आत्मा से मैच कर सके।

अमेरिका के विस्कॉन्सिन के एपलटन की रहने वाली जेरिका चाहती है कि उसका 'लास्ट डॉन्स'  शानदार हो। दरअसल जेरिका को टाइप 2 स्पाइनल एट्रॉफी बीमारी है जो कि लाइलाज है। इसमें किशोरावस्था में ही मरीज की मृत्यु हो जाती है। इस वक्त जेरिका को एक दिन में 12 घंटे वेंटीलेटर पर रहना पड़ता है। जल्दी ही 14 साल की होने वाली जेरिका ने वेंटिलेटर को हटा लेने का फैसला किया है। अगस्त में जेरिका को वेंटिलेटर से हटा लिया जाएगा। जेरिका को पता है कि ऐसा करने से उसका हाथों और जुबान पर नियंत्रण खत्म हो जाएगा। मौत निश्चित होते हुए भी जेरिका की सर्जरी की जाएगी।  

वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक जेरिका अपने आखिरी दिन घर में अपनी मां और बेहद अजीज दो कुत्तों के साथ बिताएगी।

जेरिका का कहना है कि "मैं अपनी मां या अपने परिवार को अधिक दुख नहीं पहुंचाना चाहती। मेरे दिन बहुत कम है लेकिन मैं लड़ते रहना चाहती हूं। मैं बिस्तर पर लेटे रहती हूं। उठती हूं होमवर्क करती हूं। शरीर दुखने लगता है फिर बिस्तर पर लेट जाती हूं।"

इतनी छोटी सी उम्र में ही जेरिका की 38 सर्जरी हो चुकी हैं।