जानिए क्यों... यहां ट्रेन को जंजीरों में बांधकर रखा जाता है

बाड़मेर(29 जुलाई):  राजस्थान में एक रेलवे स्टेशन ऐसा है, जहां ट्रेन को चेन से बांध कर रखा जाता है। जी नहीं...ऐसा ट्रेन के चोरी हो जाने के डर से नहीं किया जाता, बल्कि यहां ढलान होने के कारण ट्रेन अपने अाप न चल पड़े, इसलिए प्लेटफार्म पर आते ही ट्रेन को चेन से बांध दिया जाता है।

बाड़मेर रेलवे स्टेशन से कई बार ढलान के कारण ट्रेन अपने आप दौड़ पड़ी हैं तो रेलवे को यही हल सूझा। हालांकि रेलवे ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नया ट्रैक भी बनाया है।  जानिए कैसे बांधते हैं चेन से ......

- दरअसल बाड़मेर प्लेटफार्म पर कई बार ट्रेन के अपने आप दौड़ने की घटनाएं हो चुकी हैं।

- बाड़मेर से उत्तरलाई की तरफ रेलवे ट्रैक की ढलान होने के कारण प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन चल पड़ती है।

- इस तरह की पिछले तीन साल में तीन बड़ी घटनाएं हुई हैं।

- इसके बाद अब रेलवे ने नया ट्रैक तैयार किया है ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।

प्लेटफॉर्म पर जंजीरों में कैद हो जाती है ट्रेनें

- जिस ट्रेन को इस स्टेशन में हॉल्ट करना होता है, उसे सुरक्षित रखने के लिए ऐसा किया जाता है।

- ट्रेन के प्लेटफार्म पर आते ही पहले कर्मचारी उसमें स्टीयरिंग घुमा कर ब्रेक लॉक लगाते हैं।

- उसके बाद ट्रेन के डिब्बों को जंजीरों से बांध देते हैं।

- पूर्व में हुई घटनाओं के बाद करीब एक दर्जन कार्मिक और अधिकारियों की नौकरी चली गई तो उन्हें यही विकल्प सबसे मुफीद लगा।

- अब रेलवे कार्मिक कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं ।

- इतना ही नहीं उसे चेन से बाँधने के बाद उसके पहिये के आगे लकड़ी का गुटका भी लगाते हैं।

अब नहीं होगा बड़ा हादसा, लेकिन स्थाई समाधान नहीं

- फिलहाल रेलवे ने नेहरू नगर रेलवे ओवरब्रिज के फाटक से 100 मीटर की दूरी तक एक नया ट्रैक तैयार किया है।

- यह ट्रैक इसलिए बनाया गया है कि जैसे ही कोई ट्रेन प्लेटफॉर्म से अपने आप रवाना होती है तो उसे तत्काल दूसरी लाइन की तरफ ट्रांसफर कर दिया जाएगा, जो 100 मीटर की दूरी पर जाकर अपने आप रुक जाएगी।

- हालांकि यह स्थाई समाधान नहीं हो पाया है, फिलहाल ट्रेनों को जंजीरों से मुक्ति नहीं मिलेगी, लेकिन बड़े हादसे को रोका जा सकता है।