इस विजयादशमी पर RSS करेगा ये बड़ा बदलाव

नई दिल्ली (4 जून): इस साल अपने स्थापना दिवस के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नागपुर से संगठन में एक बड़ा बदलाव लाने जा रहा है। इस विजय दशमी पर हजारों की संख्या में स्वयंसेवक नागपुर में इकट्ठे होंगे। इस दिन वे अपनी पारंपरिक खाकी हाफ पैंट्स की जगह भूरी पैंट्स पहनना शुरू करेंगे। जो दशकों से इस दक्षिणपंथी संगठन की पहचान रही है।

'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, 11 अक्टूबर को सरसंघचालक मोहन भागवत की मौजूदगी में 11 अक्टूबर को होने जा रहे इस कार्यक्रम में 20 हजार से ज्यादा स्वयंसेवक इकट्ठे होंगे। आरएसएस ने इस साल मार्च में यह फैसला किया था कि वे खाकी हाफ पैंट्स को तीन दिवसीय वार्षिक बैठक- अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में हटाएंगे। जो 91 सालों से आरएसएस की ट्रेडमार्क ड्रेस रही है। प्रतिनिधि सभा आरएसएस की फैसले लेने वाली सबसे ऊंची बॉडी है। यह कार्यक्रम नागपुर में होगा।

विजय दशमी के मौके पर साल 1925 में आरएसएस की स्थापना हुई थी। स्थापना के समय खाकी शर्ट और खाकी हाफपैंट, लेदर बेल्ट, काली टोपी और काले जूतों को कैडर्स की बर्दी के तौर पर स्वीकार किया गया था। तब से, कैडर्स की वेशभूषा में 3 बड़े बदलाव हो चुके हैं।

पहला बदलाव 1939 में लाया गया था। जब खाकी शर्ट को सफेद शर्ट से बदला गया था। उस समय हेडगेवार संघ प्रमुख थे। दूसरा बदलाव 1973 में लाया गया जब भारी जूतों को साधारण से बदल दिया गया। तीसरा बदलाव 2010 में लाया गया, जब लेदर की बेल्ट को कपड़े की बेल्ट से बदला गया।