मजदूरी करने को है मजबूर स्पेशल ओलिंपिक्स का ये गोल्ड विनर

लुधियाना (27 दिसंबर): खिलाडिय़ों को सरकारों द्वारा खेल को बढ़ावा देने और सुविधाएं देने के दावों की कड़वी सच्चाई स्पेशल ओलंपिक्स वर्ल्ड समर गेम्स 2015 में दो गोल्ड मेडल जीतने वाले 17 साल के राजबीर सिंह की दयनीय स्थिति बयान कर रही है। स्पेशल ओलिंपिक्स वर्ल्ड समर गेम्स-2015 में 2 गोल्ड मेडल जीतने के बाद जब भारत लौटा तो लुधियाना में हीरो की तरह स्वागत हुआ। बीजेपी-सिरोमणी अकाली दल वाली पंजाब सरकार ने 15 लाख रुपये देने का वादा किया तो लगा जिंदगी ट्रैक पर लौट आएगी और देश के लिए ढेरों मेडल जीतने का मौका भी मिलेगा, लेकिन यह सिर्फ सपना बनकर रह गया।

17 साल के चैंपियन साइक्लिस्ट राजबीर सिंह को आजिविका चलाने के लिए दिहाड़ी लेबर और वीलचेयर खींचने का काम करना पड़ रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए ट्वीट करते हुए कहा है, "मैंने इस विषय पर खेल सचिव से विस्तार में जानकारी मांगी हैं। जो भी मदद चाहिए होगी, सरकार जरूर करेगी।"

एक कमरे के छोटे से घर में 4 सदस्यों के साथ गुजर बसर करने को मजबूर राजबीर के पिता बलबीर कहते हैं, 'मेरा बेटा वाकई मेरे लिए स्पेशल है। वह अधिकारियों की उदासीनता के कारण ठगा हुआ महसूस करता है। किसी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए।'