मुंबई में मौत की 16,000 इमारतें

मुंबई(1 सितंबर): मुंबई की करीब 16,000 बिल्‍डिंग जीर्ण-शीर्ण हालत में है लेकिन अभी भी इसमें लोग रह रहे हैं। इनका मानना है कि मरम्‍मत के लिए एक बार बिल्‍डर के हाथ में चले जाने के बाद उनका मकान उन्‍हें वापिस नहीं मिलेगा। 

- अनेकों ऐसे बिल्‍डिंग हैं जो कभी भी धराशायी हो सकते हैं लेकिन इसमें रहने वाले लोग कई नोटिस मिलने के बाद भी उसे खाली नहीं करते हैं।

- बायकुला, गिरगांव, सेवरी, परेल, मुंबई सेंट्रल, नागपाडा, भिंडी बाजार, मोहम्‍मद अली रोड और क्रॉफोर्ड मार्केट की अधिकतर बिल्‍डिंग को मरम्‍मत की जरूरत है। ऐसे करीब 1000 बिल्‍डिंग की मरम्‍मत महाराष्‍ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा किया गया और 3000 बिल्‍डिंग की मरम्‍मत उनके मालिकों ने कराया है।

- भिंडी बाजार में 80 वर्ष पुराना सुगराबाइ बिल्‍डिंग की मरम्‍मत अस्‍थायी तौर पर की जा रही है। यहां की निवासी शीरीन खान ने बताया कि वे बहुत बुरी स्‍थिति में रह रहीं हैं क्योंकि मानसून के दौरान वहां लीकेज की मुश्‍किलें हैं। 

- एक अन्‍य निवासी का कहना है कि वे इस हालत में ही बिल्‍डिंग में रहने को मजबूर हैं क्‍योंकि खाली करने पर इसके वापस आने की कोई गारंटी नहीं। उन्‍होंने कहा, ‘क्षतिग्रस्‍त मकानों के पुर्नविकास की प्रक्रिया काफी लंबी है और इसमें कई साल लग जाते हैं। हमने लोगों को घर छोड़ते देखा पर वापस पाते नहीं देखा। इसलिए विकल्‍प यही बचता है कि हम इसमें ही रहें।‘