मोदी सरकार ने मांगी ओला और ऊबर से यह मदद

नई दिल्ली (25 जुलाई): मोदी सरकार चाहती है कि ऊबर और ओला जैसी टैक्सी एग्रीगेटर्स ड्राइवरों की कमी दूर करने के लिए छोटे कस्बों में इंस्टिट्यूट बनाकर हर साल एक लाख कमर्शल चालकों को ट्रेनिंग दें, जिनमें ज्यादातर महिलाएं हों।

इसी के साथ सरकार अपनी तरफ से यह पक्का करेगी कि कमर्शल ड्राइविंग लाइसेंस पाने की समय अवधि को घटाकर तीन महीने से ज्यादा न किया जाए, जो कि अभी करीब एक साल है। सरकार यह भी चाहती है कि टैक्सी एग्रीगेटर्स की तरफ से बनाए जाने वाले ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट्स में ड्राइवरों को पैसेंजर सेफ्टी से जुड़े मुद्दों की भी ट्रेनिंग दी जाए।

गौरतलब है कि ऊबर 2.5 लाख से ज्यादा ड्राइवरों-पार्टनर के साथ देश के 27 शहरों में मौजूद है। कंपनी ने पहले से ही विस्तार के लिए आक्रामक रुख अपना रखा है। कंपनी ने भारत में 1 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया है। रोड मिनिस्ट्री के एस्टिमेट्स के मुताबिक भारत में 16 लाख से ज्यादा वीइकल्स सिटी कैब के रूप में चलने के लिए लाइसेंस्ड हैं, लेकिन बड़ी संख्या में अच्छे ड्राइवर नहीं हैं।