टैक्सी कंपनियों को कोर्ट की फटकार, 22 अगस्त के बाद नहीं ले सकेंगे मनमाना किराया

नई दिल्ली (11 अगस्त): दिल्ली हाईकोर्ट ने ओला, उबेर और अन्य टैक्सी ऑपरेटरों को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि 22 अगस्त के बाद वह निर्धारित दरों से अधिक चार्ज नहीं कर सकते। कोर्ट के इस फैसले के बाद आम जनता को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, क्योंकि अभी तक कैब कंपनियां अपने हिसाब से चार्ज करती थीं।

इसी के साथ आप सरकार ने ओला, उबेर जैसी ऐप बेस्ड टैक्सी सर्विस के लिए पॉलिसी तैयार की है। इसके मुताबिक, ये टैक्सियां कस्टमर्स से तय रेट से ज्यादा चार्ज नहीं ले पाएंगी। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर सतेंद्र जैन ने कहा है कि पॉलिसी ड्राफ्ट 2-3 दिन में सामने लाया जाएगा और जनता की राय ली जाएगी। सरकार ने पॉलिसी पर चर्चा के लिए टैक्सी एग्रीगेटर्स (ऑपरेटर्स) और ऑटो संगठनों की मीटिंग बुलाई है।

जैन बोले- टैक्सी ऑपरेटर्स पैसे नहीं बढ़ा पाएंगे... - जैन ने बताया, "टैक्सी में मीटर होना जरूरी है। रेट वो होंगे जो सरकार ने तय किए हैं। एग्रीगेटर्स मनमुताबिक पैसे नहीं बढ़ा सकेंगे।" - "ज्यादातर ऐप बेस्ड एग्रीगेटर्स मीटर के बजाय GPS मॉडल का यूज करते हैं। हमारी कोशिश है कि मीटर को रेग्युलेट किया जाए।" - जैन ने ये भी बताया कि सरकार ने सेफ्टी बढ़ाने और रेट पर कंट्रोल करने के लिए ही ये पॉलिसी तैयार की है। - "ऐप बेस्ड टैक्सियां आपके साथ गेम खेलती हैं। कभी आपसे ज्यादा तो कभी कम पैसे वसूले जाते हैं। हमने टैरिफ की मैक्सिमम लिमिट तय कर दी है। अब वे इससे ज्यादा नहीं वसूल सकेंगे। किराया इस पर भी डिपेंड करेगा कि कस्टमर ने कौन-सी गाड़ी बुलाई है।"