इस राज्य में बैन हुई OLA, जानें क्या है वजह

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 मार्च):  ऐप बेस्ड कैब सर्विस उपलब्ध कराने वाली भारतीय कंपनी के कैब एग्रीगेटर लाइसेंस को कर्नाटक सरकार के परिवहन विभाग ने 6 महीने के लिए रद्द कर दिया गया है। आपको बता दें ओला भारत में कैब सर्विस में एक जाना पहचाना नाम है। बड़ी संख्या में लोग ओला की व्हीकल्स का इस्तेमाल करते हैं। ये कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि ओला ने डिपार्टमेंट से बिना इजाजत लिए बेंगलुरू में बाइक टैक्सी सर्विस की शुरुआत कर दी थी।
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने 18 मार्च को ओला को नोटिस जारी कर ऐप बेस्ड कैब्स को सस्पेंड करने के लिए कहा। हालांकि ओला बेंगलुरू में अपनी सेवाएं दे रही है, लेकिन आम दिनों की तुलना में शुक्रवार को कैब सेवाएं कम रहीं। फिलहाल ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट द्वारा उठाए गए इस कदम पर ओला की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कर्नाटक के परिवहन विभाग ने M/s एनी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, ओला कैब्स, बेंगलुरू को छह महीने के लिए निलंबित कर दिया है, यानी कर्नाटक राज्य भर में सड़कों पर ओला कैब का संचालन नहीं किया जाएगा।

कर्नाटक के परिवहन विभाग के नोटिस में बताया गया, 'इस साल की शुरुआत में, परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कई बाइक जब्त की थीं जो ओला के लिए बाइक टैक्सी के रूप में चल रही थीं। अधिकारियों ने मामले की जांच की और परिवहन आयुक्त को एक रिपोर्ट सौंपी. कर्नाटक ऑन डिमांड ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजी एग्रीगेटर्स रूल्स, 2016 की धारा 11 (1) के अनुसार, परिवहन विभाग नियमों के उल्लंघन की वजह से कैब एग्रीगेटर के लाइसेंस को रद्द करने का निर्णय ले सकता है।'

नोटिस में आगे बताया गया कि, ओला को 15 फरवरी 2019 को नोटिस भेजा गया और कंपनी को जांच के निष्कर्षों का जवाब देने के लिए कहा गया। ओला की ओर से प्रतिक्रिया 3 मार्च, 2019 को दी गई। नोटिस में बताया गया कि, चूंकि कंपनी का जवाब संतोषजनक नहीं था और उसने ऐसा कोई सबूत नहीं दिया जिससे ये साबित होता हो कि उसने नियमों का उल्लंघन नहीं किया है, इसलिए परिवहन विभाग ने 18 मार्च, 2019 को छह महीने की अवधि के लिए ओला के लाइसेंस को निलंबित करने का फैसला किया है।