पीएम मोदी ने ली अफसरों की क्लॉस

नई दिल्ली (20 मार्च): पीएम मोदी ने ज्वाइंट सेक्रेटरीज को हफ्ते में कम से कम 10 से 30 शिकायतों को व्यक्तिगत रूप से देखने और उन्हें दूर करने का लक्ष्य दिया है। इस बारे में कैबिनेट सेक्रेटरिएट से एक ऑर्डर सभी डिपार्टमेंट को भेजा गया है।

खबरें यह भी हैं कि मोदी खुद हर महीने इन मामलों को रिव्यू करेंगे कि जनता की कितनी शिकायतों का निपटारा किया गया। सूत्रों के मुताबिक इसे एनडीए की छवि चमकाने का नया तरीका माना जा रहा है। इतना ही नहीं, एडिशनल सेक्रेटरीज को 80 शिकायतों पर हुए काम के बारे में बताना होगा। सेक्रेटरीज के लिए कम से कम 40 शिकायतें एक महीने में दूर करने का टारगेट रखा गया है।

पीएमओ को फीडबैक मिल रहा था कि लोगों से जुड़े मुद्दों पर डिपार्टमेंट्स सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। इसलिए यह नया टारगेट ई-समीक्षा पोर्टल में एड किया गया है, जहां पीएम खुद मॉनीटर कर सकेंगे। अगर जरूरत पड़ती है तो अलग-अलग टारगेट पर मिनिस्ट्री के परफॉर्मेंस पर सवाल भी खड़े कर सकते हैं। मालूम हो कि ई-समीक्षा एक आईटी- बेस्ड गवर्नेंस प्लेटफॉर्म है। जिससे सरकार से जुडे कामों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा सकती है। इसको टॉप प्रायोरिटी पर रखने के ऑर्डर दिए गए हैं।

पीएम ने शिकायतों के निपटारे का सिस्टम बनाने को कहा था। एक अफसर के मुताबिक, जनवरी की मीटिंग में पीएम ने सभी सेक्रेटरीज को शिकायतों का मैनेजमेंट करने के लिए एक सिस्टम बनाने को कहा था। इसमें उन डिपार्टमेंट्स पर ज्यादा ध्यान देने पर जोर दिया गया, जो पब्लिक से सीधे डील करते हैं।