'आप' के 21 विधायकों के भाग्य का फैसला 14 जुलाई को!

नई दिल्ली (27 जून) : आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों के 'ऑफिस ऑफ प्रॉफिट' केस पर चुनाव आयोग 14 जुलाई को सुनवाई कर सकता है। इंडियन एक्सप्रेस डॉट कॉम की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी गई है।

अगर चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया तो इन सब को विधानसभा की सदस्यता से हाथ धोना पड़ सकता है।

बता दें कि विधानसभा का कोई सदस्य, जब तक कि उसे छूट हासिल ना हो, केंद्र या राज्य सरकार के अधीन आने वाली कोई पोस्ट नहीं ले सकता। ऐसा करने से उसकी निर्णय लेने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

'आप'  के सदस्यों ने 21 विधायकों की संसदीय सचिव के तौर पर नियुक्ति के अनुमोदन के लिए दिल्ली विधानसभा में बिल पारित किया था। इस बिल में कहा गया था कि संसदीय सचिव के पद को 'ऑफिस ऑफ प्रॉफिट' की परिभाषा के दायरे से बाहर रखा जाए। लेकिन इस बिल को जब राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा गया तो उन्होंने इसे खारिज कर दिया।  

बता दें कि विधानसभा को संशोधन का अधिकार होता है। लेकिन दिल्ली के केंद्रशासित प्रदेश वाले विशेष दर्जे को देखते हुए विधानसभा से पास बिल तब तक क़ानून नहीं बन सकता जब तक कि उसे दिल्ली के उपराज्यपाल या भारत के राष्ट्रपति से मंज़ूरी ना मिल जाए।