महागौरी को सौंठ अर्पित करने से बनती हैं अचानक लाभ की संभावनाएं

नई दिल्ली (9 अक्टूबर): अष्टम नवदुर्गा स्वरूप महागौरी दिशा दक्षिण पश्चिम यानी नैत्रृत्य कोण है। दक्षिण पश्चिम पितरों का स्थान भी है। इसी दिशा में घर की पुरानी चीजें या कबाड़ रखना चाहिए। जिन लोगों के घर दक्षिण पश्चिम में हैं, या जिनके घर का मुख्य दरवाजा  दक्षिण पश्चिम में उनके लिए महागौरी की पूजा से विशेष लाभ मिलता है। इसके अलावा जिवन लोगों के घरों की दक्षिण पश्चिम दिशा में कोई दोष है तो उसका निवारण भी महागौरी की षोडश उपचार पूजा से दूर होता है। महागौरी को सौंठ भेंट करने से अकस्मात की संभावनाएँ बन सकती हैं।