पत्नी के शव को कंधे पर लेकर 10 किमी तक चलने वाला दाना मांझी बना लखपति

नई दिल्ली(17 सितंबर): अपनी मृत पत्नी को 10 किलोमीटर तक कंधे पर लेकर चलने वाले ओडि़शा के गरीब आदिवासी दाना मांझी अब चंदे में मिले पैसे से लखपति बन गए हैं। उनकी खबर पूरी दुनिया में फैल गई थी और इसका असर इतना हुआ कि बहरीन के प्रधानमंत्री ने भी उनके लिए चंदा भेजा है। कालाहांडी जिला मुख्यालय से दूर बसे गांव मेलाघर गांव के रहने वाले मांझी कहते हैं कि उन्हें नहीं पता कि एक लाख का मतलब क्या होता है, लेकिन अब उनके पास 15 लाख रूपये हो गए हैं। 

- उनकी तीन बेटियों को कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (केआईएसएस) में नि:शुल्क शिक्षा मुहैया कराई जा रही है। मांझी को बहरीन के प्रिंस खलीफा बिन सलमान अल खलीफा ने 8 लाख 87 हजार रुपये दान में दिए हैं। उन्होंने गुरुवार को दिल्ली में बहरीन दूतावास में अधिकारियों इसका चेक हासिल किया। मांझी ने कहा कि वह इस पैसे को अपनी 3 बेटियों के भविष्य के लिए बैंक में जमा कराएंगे। मांझी ने बताया कि घटना के बारे में पता चलने के बाद बहरीन के प्रिंस ने उन्हें यह पैसे दिए। 

- 24 अगस्त को ऐंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण अपनी पत्नी के शव को कंधे पर ढोने के बाद से समाज के कई वर्गों ने उनकी मदद की है। इससे पहले सुलभ इंटरनेशनल ने उन्हें 5 लाख रूपये की सहायता और बेटियों की शिक्षा के लिए दस हजार रुपये प्रति महीने की धनराशि देने की घोषणा की थी। सुलभ इंटरनेशनल ने मांझी के खाते में 5 साल के लिए इन पैसों को फिक्स डिपॉजिट किया था, जो तीन सितम्बर 2021 को पूरी होगी। बैंक के एक अधिकारी ने बताया, ‘पांच वर्ष के बाद 7.5 फीसदी ब्याज दर के साथ मांझी को सात लाख 33 हजार 921 रूपये मिलेंगे।’