चीन की आपत्ति को दरकिनार कर दलाई लामा से मिलेंगे ओबामा

नई दिल्ली (15 जून): अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा की मुलाकात को लेकर एक चीन ने एक बार फिर त्यौरियां चढ़ा ली हैं। इसके बावजूद अमेरिका ने कहा है कि दलाईलामा से अमेरिका के संबंध बहुत पुराने हैं और वो किसी भी कीमत पर अपने संबंध निभाते रहेंगे। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता नैंसी पैलोस्की ने कहा कि दलाई लामा हमेशा मानवता और प्रेम का संदेश देते हैं।

अमेरिका ने तिब्बत को हमेशा चीन का हिस्सा माना है लेकिन अगर चीन तिब्बत में बौद्ध अनुयाइयों की जनसंख्या कम करने और उन पर अत्याचार करेगा तो अमेरिका उनकी हिमायत जरूर करेगा। तिब्बती लोग ऑटोनॉमी चाहते हैं। अमेरिका उनके इस रुख का समर्थन करता है। बराक ओबामा और दलाई लामा की मुलाकात के अलावा सीनेटर बॉब कॉरकर और बेन कॉर्डिन भी दलाई लामा और निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधान मंत्री लोबसांग सांगये के साथ मुलाकात करेंगे।