जाते-जाते भी भारत से दोस्ती निभाने में जुटे हैं ओबामा, रक्षा बजट में पाकिस्तान पर दिखाई सख्ती

वॉशिंगटन (24 दिसंबर): अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा 20 जनवरी को सेवानिवृत होने जा रहे हैं और इसी दिन डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के नए राष्ट्रपति का पदभार संभालेंगे। लेकिन जाते-जाते बराक ओबामा में अमेरिका के 2017 के 618 अरब डालर के रक्षा बजट पर दस्तख्त कर दिया है।

अमेरिकी रक्षा बजट में जहां भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है, वहीं पाकिस्तान को दी जाने वाली अमेरिकी मदद के लिए कड़ी शर्तें रखी गई हैं। बजट में अमेरिकी रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री से भारत को अमेरिका के 'प्रमुख रक्षा भागीदार' के रूप में पहचान के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।

बजट में दोनों देशों की एजेंसियों के बीच बेहतर कॉर्डिनेशन के जरिए अमेरिका-भारत रक्षा संबंधों को मजबूत करने, रक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिग्रहण और तकनीक को मजबूत और सुनिश्चित करने के लिए अलग से किसी शीर्ष अधिकारी की नियुक्त की बात कही गई है। इससे दोनों देशों के बीच लंबित मसलों को हल करने, सुरक्षा सहयोग बढ़ाने और साझा-उत्पादन के मौके बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बजट के मुताबिक पाकिस्तान को अमेरिका की तरफ से मिलने वाली वित्तीय मदद तभी मिलेगी जब वह हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कड़े कदम उठाने का सबूत देगा। कोअलिशन सपोर्ट फंड (CSF) के तहत पाकिस्तान को अमेरिका से 90 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मदद मिलनी है। इनमें से 40 करोड़ डॉलर की मदद पाने के लिए पाकिस्तान पर 4 शर्तों को पूरा करना होगा। 

अमेरिकी रक्षा मंत्री को कांग्रेस में इसे प्रमाणित करना होगा कि पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सैन्य कार्रवाई कर रहा है और इस्लामाबाद हक्कानी नेटवर्क को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने से रोकने के वादे को निभाते हुए कदम उठाए हैं।