दिल्ली के सबसे बड़े अस्पताल एम्स में डाॅक्टरों की लापरवाही से नर्स की मौत!

नई दिल्ली ( 5 फरवरी ): दिल्ली के सबसे बड़े अस्पताल एम्स की सबसे बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां के गायनिकोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉक्टरों की लापरवाही के चलते नर्स राजबीर की मौत हो गई। राजबीर कौर पिछले 20 दिन से जिन्दगी की जंग लड़ रही थीं। गुस्साए यूनियन ने लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए आज धरना दिया।

एम्स के बाहर अपने ही डॉक्टरों के खिलाफ करीब 500 नर्सें और स्टाफ ने रविवार को प्रदर्शन किया। दरअसल राजबीर कौर गर्भवती थीं और 16 जनवरी 2017 को एम्स में डीलिवरी के लिए एडमिट हुई थीं। उनका वाटर बैग फट गया जिसके बाद पेट में पल रहे बच्चे की धड़कन कम होने की वजह से डॉक्टरों ने इमरजेंसी में शिफ्ट करने की सलाह दी। जहां बाद में उनकी सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद से न तो उनका बच्चा बच सक और न ही राजबीर कौर। राजबीर कौर के परिवार और सहकर्मियों ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि राजबीर की सर्जरी किसी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने की और राजबीर को एनिस्थिसिया ज्यादा दिया गया जिस वजह से उसकी मौत हो गई।

एम्स नर्स एसोसिएशन प्रेजिडेंट समेत सभी नर्सों का कहना है राजबीर कौर पिछले कई दिनों से मौत से जूझ रही थी। यूनियन के लोगों ने एडमिनिस्ट्रेशन से लगातार मिलने की कोशिश की लेकिन मीटिंग नहीं हुई। मजबूरन यूनियन धरने पर बैठ गया और लापरवाही करने वाले डॉक्टरों को हटाने की मांग की।

यूनियन के धरने के बाद एम्स प्रसासन हरकत में आया और उसने एक टीम गठित की। इस केस में शामिल 5 डॉक्टरों की फौरी तौर पर अगले 48 घंटे के लिए हटा दिया गया है जो टीम इस मामले की जांच कर रही है वो एम्स और सफदरजंग के दूसरे डिपार्टमेंट के डॉक्टर हैं। इस जांच में य़ूनियन के दो लोग भी शामिल हैं।

सोचिए जब अपने ही नर्स के इलाज में एम्स के डॉक्टरों पर इतनी बड़ी लापरवाही का आरोप लग रहा है तो आम आदमी के इलाज में कितनी ज़िम्मेदारी बरती जाती होगी। एम्स में 5 हजार से ज्यादा नर्स हैं जो 3 शिफ्ट में काम कर रही हैं। अगर ये हड़ताल पर चली गईं तो मामला गंभीर हो सकता है।