न्यूड शॉट को लेकर सेंसर बोर्ड ने किया अब इस फिल्म को बैन

 

नई दिल्ली (20 जून) :  'उड़ता पंजाब'  को लेकर फिल्म निर्माताओं का सेंसर बोर्ड से विवाद शांत ही हुआ है कि अब एक और फिल्म को लेकर ठन गई है। 'कथकली' नाम की इस मलयालम फिल्म को सेंसर बोर्ड ने रिलीज़ सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया है। हिंदुस्तान टाइइस फैसले के ख़िलाफ़ मलयालम फिल्म निर्देशकों और तकनीशियन्स ने तिरुवनंतपुरम में सेंसर बोर्ड के रीज़नल दफ्तर के सामने विरोध प्रदर्शन किया।

सेंसर बोर्ड ने फिल्म में हिंसा और नग्नता की वजह से इसे सर्टिफिकेट देने से इनकार किया। साथ ही फिल्म में 3 कट्स लगाने के लिए कहा।  

फिल्म एम्पलाइज़ फेडेरेशन ऑफ केरल(फेफ्का) ने सेंसर बोर्ड की ओर से फिल्म में क्लाइमेक्स सीन समेत 3 कट्स लगाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। 'कथकली' को 27 वर्षीय साइजो कन्नाईक्कल ने डायरेक्ट किया है।  

साइजो का कहना है कि सेंसर बोर्ड के अधिकारी ने उस सीन को हटाने के लिए कहा है जिसे वो फिल्म की आत्मा मानते हैं। साइजो के मुताबिक ये फिल्मकार की रचनात्मक स्वतंत्रता पर आघात है। निर्देशक का कहना है कि सेंसर बोर्ड के पैनल ने फिल्म को यू सर्टिफिकेट देने के लिए कहा था लेकिन सेंसर बोर्ड का अधिकारी इस बात पर अड़ा है कि जब तक कट्स पर निर्देश पूरा नहीं होगा फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा।  

दो घंटे की इस फिल्म में एक अनाथ की कहानी दिखाई गई है जो समाज में अपना स्थान और पहचान बनाने की कोशिश करता है।

बताया गया है कि जिन सीन पर आपत्ति है उनमें एक सीन ये भी है कि कथकली कलाकार (जिसका किरदार बिनोए नंबाला) ने निभाया है वो कथकली का करियर छोड़ने का फैसला लेता है और सारे कपड़े उतार कर कैमरे से दूर जाता नज़र आता है।

निर्देशक साइजो ने बताया कि उन्होंने इस सीन को ब्लर भी कर दिया लेकिन उसके बाद भी सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा। साइजो ने कहा कि उन्हें फिल्म के लिए 'ए' सर्टिफिकेट भी दे दिया जाए तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।