5 हजार किमी तक मार करने वाली अग्नि-5 का सफल परीक्षण, पाक और चीन आए रेंज में

नई दिल्ली (19 जनवरी): भारत ने अपनी सबसे लंबी दूरी की मार करने वाली इंटरकोन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल, अग्नि-5 (फाइव) का सफल परीक्षण कर लिया है। मिसाइल 'अग्नि-5' का ओडिशा तट से दूर व्हीलर द्वीप से  परीक्षण हुआ।

बता दें कि अग्नि 5 एक साथ हथियार ले जाने में सक्षम होगा और यह एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम के खिलाफ भी कार्रवाई करेगा। इस मिसाइल की ऊंचाई 17 मीटर और व्यास 2 मीटर है। इसका वजन 50 टन और यह डेढ़ टन तक परमाणु हथियार ढोने में सक्षम है। इसकी स्पीड ध्वनि की गति से 24 गुना ज्यादा है। यह अग्नि श्रृंखला की सर्वाधिक आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल है जो 5,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक मार कर सकती है। इस परीक्षण के साथ भारत की स्वदेशी मिसाइल क्षमताओं तथा प्रतिरोधक शक्ति में और मजबूती आ गई है। परीक्षण को ‘‘पूर्ण सफल’’ करार देते हुए अधिकारियों ने कहा कि अत्याधुनिक मिसाइल ने 19 मिनट तक उड़ान भरी और 4,900 किलोमीटर की दूरी तय की। उन्होंने बताया कि मिसाइल को सुबह 9:54 पर अब्दुल कलाम द्वीप (जिसे व्हीलर द्वीप के रूप में भी जाना जाता है) स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) के लांच पैड-4 से एक मोबाइल प्लैटफार्म पर लगे एक कैनिस्टर लॉंचर से दागा गया।

सूत्रों ने कहा, ‘‘चार सफल विकासात्मक परीक्षणों के बाद अग्नि-5 मिसाइल का यह पहला यूजर एसोसिएट परीक्षण है।’’  'अग्नि-5' की रेंज में पूरा चीन और पाकिस्तान आएगा। अग्नि-5 अग्नि सीरीज की मिसाइल हैं, इसमें अग्नि-1, अग्नि-2 और अग्नि-3 मिसाइलें भी शामिल हैं। इन तीनों मिसाइलों को पाकिस्तान को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जबकि अग्नि-4 और अग्नि-5 चीन के मद्देनजर तैयार किया गया है। अग्नि-5 मिसाइल की खासियत

-अग्नि-5 मिसाइल अग्नि श्रृंखला की सर्वाधिक आधुनिक मिसाइल है जो नौवहन, दिशा-निर्देशन, आयुध और इंजन के लिहाज से नई प्रौद्योगिकियों से लैस है।  

-अतिरिक्त नौवहन प्रणाली, अत्यधिक सटीकता वाली रिंग लेजर गाइरो आधारित जड़त्वीय नौवहन प्रणाली (आरआईएनएस) तथा सर्वाधिक आधुनिक और सटीक सूक्ष्म नौवहन प्रणाली (एमआईएनएस) ने सटीकता के कुछ मीटर के दायरे में मिसाइल का लक्षित बिन्दु पर पहुंचेगी।’’

-मिसाइल को इस तरह से तैयार किया गया है कि जिस गति से यह अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ती है, ठीक वैसी ही गति के साथ धरती की तरफ लौटती है। -भारत के पास अपने आयुध में अग्नि श्रृंखला की अग्नि-1 (700 किलोमीटर की दूरी तक मार करने में सक्षम), अग्नि-2 (दो हजार किलोमीटर), अग्नि-3 और अग्नि-4 (2500 किलोमीटर से लेकर 3500 किलोमीटर की दूरी तक मार करने की क्षमता) वाली मिसाइलें हैं। अग्नि-5 का पहला परीक्षण 19 अप्रैल 2012 को किया गया था। इसका दूसरा परीक्षण 15 सितंबर 2013, तीसरा परीक्षण 31 जनवरी 2015 तथा चौथा परीक्षण 26 दिसंबर 2016 को किया गया था। ये सभी परीक्षण समान परीक्षण केंद्र से किए गए।