NSG के मुद्दे पर रूस से नाराज हुआ भारत, दी ये 'चेतावनी'

नई दिल्ली (17 मई): परमाणु आपूर्ति करता समूह यानी NSG में भारत की राह में चीन सबसे बड़ा रोड़ा है ये बात पूरी दुनिया जानती है। भारत का सबसे पुराना और भरोसामंद दोस्त रूस भी जानता है, लेकिन वो चीन से अपना दोस्ती बढ़ा रहा है और इस बात के लिए चीन पर रूस कोई दवाब नहीं बना है। रूस के इस रूख भारत बेहद खफा है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक NSG सदस्यता ना मिलने के कारण भारत रुस से नाराज हो गया है। 


भारत ने रुस को चेतावनी दी है कि अगर रूस ने भारत को NSG में सदस्यता दिलवाने में सहयोग नहीं किया तो वह कुडनकुलम परमाणु उर्जा परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल देगा। रूस तमिलनाडु के कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना की 5वीं और 6वीं रिऐक्टर यूनिट्स को विकसित करने के लिए भारत से समझौते पर हस्ताक्षर के लिए काफी उत्सुक है लेकिन भारत सरकार के इस निर्णय से अब यह अटक सकता है।


आपको बता दें कि रूस ने भारत को भरोसा दिया था कि वह भारत को NSG की सदस्यता दिलाने में सहयोग करेगा। खासकर चीन को मनाने में रूस की भूमिका काफी अहम है। लेकिन इतना वक्त बीत जाने के बावजूद भारत को NSG की सदस्यता नहीं मिल सकी है और चीन अपने पुराने रुख पर अड़ा हुआ है। जिसके बाद भारत ने भी इस मुद्दे पर सख्त रुख अपना लिया है।


पीएम नरेंद्र मोदी 1 से 3 जून तक रूस की यात्रा पर जाने वाले हैं। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन और PM मोदी की मुलाकात होनी है। ऐसे में रूस की कोशिश है कि इससे पहले ही कुडनकुलम MOU पर साइन हो जाएं। भारत का मानना है कि रूस चीन के प्रभाव में आकर भारत को NSG की सदस्यता दिलाने में सहयोग नहीं कर रहा है। बता दें कि चीन दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा के बाद से भारत से चिढ़ा हुआ है, इसके अलावा चीन का भारत के साथ सीमा पर भी विवाद है। जिस कारण चीन, रुस को अपने प्रभाव में लेकर भारत की NSG सदस्यता में रोड़ा अटका रहा है।