अगले महीने NSG की बैठक, भारत की राह में ड्रैगन फिर अटकाएगा रोड़ा !

नई दिल्ली (21 मई): स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में अगले महीने न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप यानी NSG की महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि उस बैठक में एकबार फिर भारत को NSG में शामिल करने को लेकर चर्चा होगी। अगर चीन अपने पूराने रूख में बदलाव को करता है तो भारत के लिए NSG का रास्ता आसान हो जाएगा।

आपको बता दें कि भारत ने पिछले साल मई में  NSG की सदस्यता के लिए अप्लाई किया था, लेकिन चीन के अडंगे के चलते भारत को अब तक NSG की सदस्यता नहीं मिल पाई है। इस बार की बैठक में भी चीन अडंगा लगाने को तैयार है, ऐसे में भारत अभी NSG में एंट्री पा जाएगा, इसमें सस्पेंस बना हुआ है।

NSG में शामिल देश न्यूक्लियर मटैरियल के एक्सपोर्ट, कलपुर्जे बनाने और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसी चीजों पर कंट्रोल रखते हैं। इसमें कुल 48 सदस्य हैं। चीन का कहना है कि भारत ने अभी परमाणु अप्रसार संधि यानी NPT पर दस्तख्त नहीं किया है ऐसे में उसे NSG में शामिल नहीं किया जा सकता। यही नहीं, चीन का कहना है कि अगर भारत को NSG में शामिल करना है, तो पाकिस्तान को भी करना चाहिए। पाकिस्तान भी NSG की मेंबरशिप के लिए अप्लाई कर चुका है।

NSG की इस बैठक से इतर भारत ने इसमें शामिल होने के लिए पूरा जोर लगा रखा है। भारत को अधिकतर देशों का समर्थन भी हासिल है पर न्यूजीलैंड, तुर्की और चीन इसमें अडंगा लगा देते हैं। चीन की तरह तुर्की भी भारत के साथ पाकिस्तान को भी शामिल करने की बात करता है। वहीं, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने पिछले साल भारत को लेकर सकारात्मक संदेश दिया था।