देशभर में हाई अलर्ट: प्लेन हाइजैक रोकने की तैयारियों में NSG

नई दिल्ली(2 अकटूबर): पीओके में भारतीय सर्जिकल स्ट्राइक के बाद देश के अहम प्रतिष्ठानों पर आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। इस वजह से भारत की तमाम सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। 

- इसी क्रम में नैशनल सिक्यॉरिटी गार्ड्स (NSG) ने सभी भारतीय एयरलाइंस और चार्टर प्लेन ऑपरेटर्स से कहा है कि वे इस्तेमाल में आने वाले हर एयरक्राफ्ट उनके लिए मुहैया कराएं। एनएसजी के कमांडोज इन प्लेन्स के डिजाइन के हिसाब से ऐंटी हाइजैक ड्रिल्स की प्रैक्टिस करेंगे।

- भविष्य में किसी प्लेन हाइजैक की स्थिति में बेहतर जवाबी कार्रवाई करने के मकसद से ड्रिल को अंजाम दिया जाएगा। 

- हालांकि, इंडियन एयरलाइंस ने एनएसजी के लिए सिर्फ एक शर्त रखी है। कुछ साल पहले एक एंटी हाइजैक ड्रिल के दौरान एक एयरक्राफ्ट के इंटीरियर को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद डीजीसीए को जानकारी दी गई, जिन्होंने यह मुद्दा एयरलाइंस की ओर से उठाया था। 

- प्लेन को होने वाला नुकसान ही बस एक वजह नहीं है। दो साल पहले एनएसजी ने बोइंग 747 जंबो जेट में ऐसी ही एक ड्रिल की थी। यह प्लेन पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा पर स्टैंडबाय के लिए था। बाद में तलाशी में एक हथगोले का खोल मिलने के बाद अफरातफरी मच गई थी। बाद में पता चला कि यह डिफ्यूज किया गया खोल था, जिसका इस्तेमाल एनएसजी ने एक एंटी हाइजैक मिशन में किया था। बाद में एनएजी से दरख्वास्त की गई कि वे अपनी प्रैक्टिस के बाद मौके पर इस्तेमाल हर चीज को सावधानी पूर्वक हटा लें।