भारत-पाक बातचीत रद्द नहीं हुई है - अजीत डोभाल

नई दिल्ली (11 जनवरी): राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल के कथित इंटरव्यू पर आज देश की राजनीति में हड़कंप मच गया। हिंदी अखबार की वेबसाइट दैनिक भास्कर डॉट कॉम ने अजीत डोवल का एक कथित इंटरव्यू छापा। जिसमें डोवल के हवाले से भारत-पाक के बीच सचिव वार्ता रद्द होने की बात कही गई। लेकिन इस खबर के आते ही सूत्रों के मुताबिक अजीत डोवल और विदेश मंत्रालय ने ऐसी खबर से इनकार कर दिया। हालांकि अखबार अपनी खबर पर कायम है।

अखबार के अनुसार डोभाल के इंटरव्यू के अंश...

इस इंटरव्यू में डोबाल ने काउंटर ऑपरेशन के कई राज खोले हैं और साथ ही कहा है कि 15 जनवरी को लाहौर में सचिव स्तर की बातचीत को फिलहाल रद्द कर दिया है, जब तक पाक सख्त कार्रवाई नहीं करता तब तक बातचीत नहीं हो सकती है। हालांकि विदेश मंत्रालय ने सचिव स्तर की बातचीत के रद्द किए जाने की खबर का खंडन करते हुए कहा है कि यह बातचीत होगी। 

  सवालः पठानकोट आतंकी हमले की पहले से जानकारी होने के बाद भी कहां चूक हुई? डोभाल: ये फोर्सेस के एफर्ट को डिमोरलाइज करने का मौका नहीं है। हमारे सिक्योरिटी सर्किल वीक हैं। हम कुछ नहीं कर सकते हैं, ये तो भाग्य की बात थी कि आतंकी लिमिटेड एरिया में थे। ऐसा नही कहना चाहिए। इसकी जगह हम ये भी कह सकते हैं कि टेरेरिस्ट अटैक के अंदर जो 6 फिदाईन आए वो हमारी मेहनत के चलते कोई बड़ा डैमेज नहीं कर पाए। इंटेलीजेंस कलेक्ट कर टेरेरिस्ट के पहुंचने से पहले हमने फोर्सेस को भेज दिया और पूरा एयरबेस बचा लिया.. ऐसा कहने से देश और जवान दोनमोटिवेट होंगे। हमे फ्रांस हमले से ये सीखना चाहिए।

सवाल: क्या सीखना चाहिए? डोभाल: फ्रांस में आतंकी हमला हुआ उसमें किसी लीडर ने अगेंस्ट नहीं कहा। मीडिया ने भी टीआरपी और पैसे के लिए किसी की डेड बॉडी नहीं दिखाई। हालांकि, ये हमला भी पूरी तरह से इंटेलीजेंस फेल्योर था। अगर एजेंसीज लेट रिस्पॉन्स नहीं करती तो बचाव में बहुत कुछ किया जा सकता था। इसके बावजूद किसी ने निगेटिव कमेंट कर एफर्ट को डिमोरलाइज नहीं किया।

सवाल: हमले में इंटेलीजेंस फेल्योर के चलते जो नुकसान हुआ, उसका क्या? डोभाल: लड़ाई होगी और बॉक्सिंग के रिंग में जाएंगे तो चाहे आप जीते ही क्यों न हों, चार घूसे तो खाके आएंगे ही। अब जो जवान बंदूक लेकर लड़ने आया है या तो उससे कह दें कि भाई हम तुमको एंगेज नहीं करेंगे। और अगर करेंगे तो 1-2-4% संभावना आप पर लगने का है। और अगर संभावना है तो उसमें किसी ना किसी को तो गोली लगेगी ही। हालांकि, इससे बचने के लिए हमने बुलेट प्रूफ और बाकी चीजें भी दे रखी हैं।

सवाल: मोदी के लाहौर दौरे के 7 दिन बाद ही पठानकोट हमला होना सिर्फ कोइंसिडेंस है या ये पाकिस्तानी आर्मी-आतंकियों की ओर से मोदी को रिटर्न गिफ्ट है? डोभाल: मैं इस पर कोई कमेंट नहीं करना चाहूंगा।