दवा के 10% से ज्यादा बढ़ाने पर रद्द होगा कंपनी का लाइसेंस, लगेगा जुर्माना

नई दिल्ली (06 मार्च): मोदी सरकार ने देश में दवा कंपनियों और इंपोर्टर्स की मनमानी पर नकेल कसने का फैसला कर लिया है। सरकार के के इस फैसले के बाद कोई भी दवा कंपनी एक साल में दवा या इक्यूपमेंट की कीमतों में 10 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी नहीं कर सकेगी।

कंपनियां के इस आदेश को नहीं मानने पर उनका लाइसेंस रद्द किया जाएगा और साथ ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।कानूनी कार्रवाई के अलावा कंपनियों से जुर्माना भी वसूल किया जाएगा। 

एनपीपीए के मुताबिक यह फैसला सभी तरह की दवाओं पर लागू होगा फिर चाहे वह शेड्यूल ड्रग्स (कीमत पर सरकारी कंट्रोल) की लिस्ट में हो या नॉन शेड्यूल ड्रग्स (कीमत पर सरकारी कंट्रोल से बाहर) की लिस्ट में हो।