डिजिटल पेमेंट: NPCI ने की 54.90 करोड़ के इनाम की घोषणा

नई दिल्ली ( 15 जनवरी ): मोदी सरकार ने देश में 8 नवंबर 2016 की आधी रात से बड़े नोटों पर बैन लगा दिया। उसके बाद से सरकारने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की नीति आयोग की लकी ड्रॉ योजना के तहत नैशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने शनिवार को 3.42 लाख से अधिक विजेताओं की घोषणा की। इन विजेताओं को कुल 54.90 करोड़ रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे। ये पुरस्कार उपभोक्ताओं और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों दोनों को दिया जा रहा है। डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने लकी ग्राहक योजना और डिजि धन व्यापार योजना की 25 दिसंबर को शुरुआत की थी।

एनपीसीआई की ओर से जारी बयान के मुताबिक ये योजनायें 14 अप्रैल 2017 तक चलेंगी। इनका उद्देश्य ग्राहकों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को खरीद-बिक्री में कार्ड, ई-वॉलिट्स या भुगतान के अन्य डिजिटल माध्यमों के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करना है। इसमें हर रोज 15,000 विजेता चुने जा रहे हैं, जिन्हें कुल 1.5 करोड़ का पुरस्कार प्राप्त होगा। इसके अलावा 14 हजार साप्ताहिक विजेता चुने जाने हैं, जिन्हें कुल मिलाकर 8.3 करोड़ रुपये का साप्ताहिक पुरस्कार मिलेंगे।

एनपीसीआई का कहना है कि योजना को लेकर लोगों में उत्साह है और विभिन्न आयु वर्ग और व्यवसाय के लोग डिजिटल भुगतान को अपना रहे हैं। यह योजना महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में ज्यादा लोकप्रिय दिख रही है, क्योंकि सबसे अधिक विजेता इन्हीं पांच राज्यों से हैं। अधिकांश विजेताओं की आयु 21 से 30 के बीच है। 50 से उपर के भी काफी संख्या में विजेता हैं।

एनपीसीआई के मुताबिक रूपे कार्ड, भीम/यूपीआई ऐप और आधार कार्ड बेस्ड पेमेंट सर्विस के जरिए भुगतान करने वाले लोग इन दैनिक और साप्ताहिक लकी ड्रॉ स्कीम में शामिल किए जा रहे हैं। यही नहीं केंद्र सरकार के साथ मिलकर एनपीसीआई 14 अप्रैल तक देश की 110 लोकेशंस में डिजि धन मेलों के आयोजन में जुटा है।

लकी ग्राहक स्कीम के तहत डिजिटल पेमेंट करने पर हर दिन 15,000 लोगों को 1,000 रुपये का पुरस्कार मिल रहा है। 25 दिसंबर से शुरू हुई इस स्कीम का लाभ 100 दिनों तक उठाया जा सकता है। इसके अलावा इस स्कीम के तहत वीकली ड्रॉ भी होते हैं, जिसमें 7 विजेताओं को 1 लाख रुपये तक के पुरस्कार मिलेंगे। इसके अलावा कारोबारियों को भी एक सप्ताह में 7,000 वीकली अवॉर्ड देने का फैसला हुआ है।