निजी बैंकों से 7 गुना ज्यादा है सरकारी बैंकों का NPA: वित्त मंत्रालय

नई दिल्ली (25 दिसंबर): कार्पोरेट डिफाल्टर बढ़ने से चालू वित्तीय वर्ष की सितंबर की खत्म हुई तिमाही में सरकारी बैंकों का बैड लोन 7.34 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जबकि निजी बैंकों का बैड लोन सरकारी बैंकों से कम रहा। निजी बैंकों को बैड लोन सितंबर की खत्म हुई तिमाही में 1.03 लाख करोड़ रुपए रहा।

जारी डाटा के अनुसार सितंबर 2017 को खत्‍म तिमाही में सरकारी बैंकों को NPA 7,33,974 करोड़ रुपए रहा जबकि निजी बैंकों का NPA 1,02,808 करोड़ रुपए रहा। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के आधार पर यह जानकारी फाइनेंस मिनिस्‍ट्री ने दी है। इस पूरे बैड लोन में काफी बड़ा हिस्सा कार्पोरेटस और कंपनीज का है। जारी डाटा के अनुसार इस कुल बैड लोन का 77 फीसदी कार्पोरेटस का ही है। 

जारी आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा NPA भारतीय स्टेट बैंक का है।

 

सरकारी बैंक

NPA

एसबीआई  

1.86 लाख करोड़ रुपए

पीएनबी

57,630 करोड़ रुपए

बैंक ऑफ इंडिया     

49,307 करोड़ रुपए

बैंक ऑफ बड़ौदा     

46,307 करोड़ रुपए

कैनरा बैंक         

39,164 करोड़ रुपए

यूनियन बैंक         

38,286 करोड़ रुपए