NPA की वसूली को लेकर हुआ चौंकाने वाला खुलासा

नई दिल्ली (18 अप्रैल): बैंकों को सबसे ज्यादा नुकसान नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे कारोबारियों से हुई है। बैंक धोखे से लिए गए इन पैसों को NPA यानी नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स में डाल देता है और बाद में इसकी वसूली करता है, लेकिन NPA की वसूली को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

रिजर्व बैंक के जारी आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि साल 2014 से लेकर 2018 तक चार साल में NPA की वसूली में बैंक पूरी तरह नाकाम रहे हैं।

NPA की वसूली में बैंक रहे नाकाम...

- यूको बैंक का 6 हजार 87 करोड़ रुपए व्यापारियों के पास बकाया है। इसमें से यूको बैंक ने एक रुपए की भी वसूली नहीं की है। - इंडियन ओवरसीज बैंक का 10 हजार 470 करोड़ रुपया बकाया है। बैंक ने वसूले सिर्फ 10 करोड़ - इलाहाबाद बैंक का एनपीए 9 हजार 553 करोड़ रुपए का है। बैंक ने वसूले सिर्फ 257 करोड़ रुपए। - IDBI बैंक का बकाया है 16 हजार 568 करोड़ रुपए। IBDI ने वसूले सिर्फ 479 करोड़ रुपए।

अब सवाल उठता है कि आखिर बैंक अपने बकाए की वसूली में नाकाम क्यों हो रहे हैं। राहुल गांधी ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का नाम लेकर सरकार को फिर घेरा।