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अब बेरोजगार रहने पर कर्मचारी ईपीएफ से निकाल सकेंगे पैसे

अगर आप कहीं पर जाॅब करते हैं और वहां पर आपका पीएफ कटता है तो ये खबर आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। जी हां, आपको बता दें कि 6 दिसंबर की अधिसूचना के माध्यम से श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारियों के भविष्य निधि योजना में संशोधन किया है ताकि वह अपने सदस्यों को कॉर्पस से पैसे वापस ले सकें यदि वह एक महीने से अधिक समय तक बेरोजगार रहता है तो। यह नियम अधिसूचना की तारीख से लागू होगा यानि 6 दिसंबर 2018 से।

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (14 दिसंबर): अगर आप कहीं पर जाॅब करते हैं और वहां पर आपका पीएफ कटता है तो ये खबर आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। जी हां, आपको बता दें कि 6 दिसंबर की अधिसूचना के माध्यम से श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारियों के भविष्य निधि योजना में संशोधन किया है ताकि वह अपने सदस्यों को कॉर्पस से पैसे वापस ले सकें यदि वह एक महीने से अधिक समय तक बेरोजगार रहता है तो। यह नियम अधिसूचना की तारीख से लागू होगा यानि 6 दिसंबर 2018 से।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यद्यपि ईपीएफओ के केंद्रीय बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक के बाद जून में इस कदम की घोषणा की गई थी, लेकिन अब सरकार ने इसे अधिसूचित किया है ताकि यह कानून बन जाए। अधिसूचना के अनुसार, ईपीएफ का एक सदस्य अब अपने खाते से क्रेडिट शेष राशि का अधिकतम 75 प्रतिशत तक पैसे वापस ले सकता है यदि वह एक महीने से ज्‍यादा की अवधि के लिए बेरोजगार रहता है तो। यह एक गैर-वापसी योग्य अग्रिम होगा जिसका अर्थ है कि कोई सदस्य अपना खाता बंद किए बिना अपना पैसा निकाल सकता है और उसे वापस लेने वाले पैसे वापस नहीं करना पड़ेगा।

यह कई लोगों के लिए राहत के रूप में आएगा क्योंकि वे अपनी नौकरी छोड़ने के एक महीने बाद अपने ईपीएफ संतुलन के तीन-चौथाई हिस्से को वापस ले सकते हैं और किसी भी वित्तीय आकस्मिकताओं को पूरा करने के लिए इस पैसे का उपयोग कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले स्‍कीम 1952 के तहत बेरोजगारी की स्थिति में आंशिक निकासी की सुविधा नहीं थी। नौकरी छोड़ने के बाद उनके लिए पूरा और अंतरिम बजट निपटारा करने का प्रावधान था।

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