अब दस गुना ज्यादा घातक भारतीय कमांडोज, भीतर घुसकर मारेंगे पाकिस्तान को!

नई दिल्ली (8जनवरी): म्यांमार और फिर पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले भारतीय पैरा कमांडोज अब और घातक होंगे। जल्द ही इन्हें ऐसे हथियार दिए जाएंगे, जिससे इनकी ताकत 10 गुना अधिक हो जाएगी। यानी अब और सटीक तरीके से भारतीय कमांडोज सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देंगे।

केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह आर्मी की स्पेशल फोर्सेज (पैरा कमांडोज) को अमेरिका के नेवी सील कमांडो जैसे अत्याधुनिक हथियार व उपकरण देने का फैसला किया गया है।

- इससे कमांडो के हाथों में नाइट विजन से हल्के रॉकेट लांचर तक आ जाएंगे।

- इसके लिए तीनों सेनाओं को खरीद की परमिशन देने वाली रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) ने मॉर्डनाइजेशन प्लान के तहत 300 करोड़ रु. स्वीकृत भी कर दिए हैं।

- दिल्ली में पिछले दिनों रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की अध्यक्षता में हुई डीएसी की बैठक में खरीद के लिए दस हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की मंजूरी दी गई थी।

- इसके साथ थलसेना की स्पेशल फोर्सेज यानी पैरा कमांडो के मॉर्डनाइजेशन के लिए 300 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे दी गई।

- वैसे भी सेना में स्पेशल फोर्स की यूनिट्स 10 से बढ़ाकर 12 करने के कारण मॉर्डनाइजेशन की जरूरत थी।

- इस गोपनीय स्वीकृति में रात में लड़ने की क्षमता बढ़ाने वाले उपकरण तथा साइलेंसर लगे हथियारों की खरीद होगी। इससे कमांडो साइलेंट किलर बन जाएंगे।

- फायदा यह होगा कि सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान कमांडोज ज्यादा दूर तक अपना टारगेट पूरा कर चुपचाप लौट सकते हैं।

- रॉकेट लांचर काफी हल्का और ज्यादा मारक क्षमता के होंगे। 1100 पर्सनल ऑटोमेटिक राइफल भी खरीदी जाएंगी। ताकि मिशन में कमांडोज का समय लोडिंग में खराब न हो और वो लगातार फायर कर सकें।